रजबपुर(अमरोहा)। लॉकडाउन में काम बंद होने और कोरोना संक्रमण से बचने के लिए दिल्ली से यह सोच कर निकले थे कि घर पहुंच कर किसी तरह जिंदगी काट लेंगे। लेकिन मौत ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। कंटेनर में सवार होकर पिता और भाई के साथ दिल्ली से बरेली लौट रहे किशोर की सड़क हादसे में मौत हो गई। जबकि किशोर के भाई समेत दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। किशोर की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मचा है।
यह हादसा शुक्रवार की सुबह चार बजे रजबपुर थानाक्षेत्र में अतरासी चौराहे पर पास नेशनल हाईवे पर हुआ। बरेली में हाफिज गंज थानाक्षेत्र के गांव जासपुर में देवकी नंदन का परिवार रहता है। देवकी नंदन अपने बेटे राजीव और रंजीत के साथ दिल्ली के नरैली इलाके में राजमिस्त्री के यहां बेलदारी करते थे। उनके साथ पास-पड़ोस के अन्य लोग भी मजदूरी करते थे। कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए 25 मार्च को लॉकडाउन घोषित हुआ तो यह मजदूर भी दिल्ली में फंस गए। सभी लोग जैसे-तैसे समय काट रहे थे। इन हालातों को देखकर पिता-पुत्रों ने घर लौटने की ठान ली। गुरुवार की रात किसी समय कंटेनर में सवार होकर बरेली के लिए निकल पड़े। सभी मजदूर कंटेनर में पीछे बैठे हुए थे। शुक्रवार तड़के करीब चार बजे कंटेनर रजबपुर थानाक्षेत्र में अतरासी चौराहे पर पहुंचा। तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार डीसीएम ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में राजीव (16) की मौके पर मौत हो गई। जबकि गनकतपुर बरेली निवासी सुभाष और उसका भाई उमेश गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी, कि दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। लोगों को भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। इंस्पेक्टर सतेंद्र कुमार ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने डीसीएम को कब्जे में ले लिया है। साथ ही पिता देवकी नंदन की तहरीर पर डीसीएम चालक अजीम निवासी सुनहरी मुरादाबाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।