मंडी धनौरा/बछरायूं/चुचैला कलां/हापुड़। हापुड़ बाईपास मार्ग पर गुरुवार की सुबह हुए सड़क हादसे में दो सगे भाईयों समेत छह की मौत हो गई। मौत की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन रिश्तेदारों के साथ मौके के लिए रवाना हो गए। सड़क हादसे में सभी की मौके पर ही मौत हो गई। जिससे क्षेत्र में शोक की लहर है।
थाना क्षेत्र के गांव अख्तियारपुर भूूड़ निवासी खुर्शीद दिल्ली में ओला कैब पर चालक है। वह मुहर्रम पर कंपनी की कैब लेकर गांव आया था। वह गुरुवार की सुबह लगभग सवा पांच बजे अपने छोटे भाई नफीस (21) के साथ कार से दिल्ली जा रहा था। बछरायूं हफीज रोड चौराहा से खुर्शीद (23) ने कस्बा बछरायूं निवासी राजकुमार, मनव्वर और थाना क्षेत्र के गांव चौखट निवासी सुहैल को भी अपनी कार में बैठा लिया। वहीं बछरायूं के मोहल्ला कानूनगोयान निवासी इकरार (30) भी कार में मौजूद था। हापुड़ बाईपास मार्ग पर उसकी कार सड़क किनारे ट्रक में जा घुस गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। कार सवार सभी छह लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हापुड़ पुलिस को फोन के जरिये मृतकों के बारे में जानकारी हुई। सूचना मिलने पर परिजनों में कोहराम मच गया। अपराह्न में राजकुमार, सुहैल और मनव्वर के शव पोस्टमार्टम के बाद घर आ गए। शवों के आने पर चीख पुकार मच गई।
बछरायूं। कस्बे के मुहल्ला पीरजादगान निवासी राजकुमार (30) दिल्ली में इंडिगो एयरलाइंस में नौकरी करता था। वह ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए हफीज रोड चौराहा पर सवारी का इंतजार कर रहा था। उसके साथ ग्राम चौखट निवासी सुहैल (18) और कस्बे के मुहल्ला चौधरीयान मनव्वर (26) भी खड़ा था। दिल्ली जा रहे खुर्शीद, नफीस और इकरार ने राजकुमार, सुहैल और मनव्वर को अपनी कार में बैठा लिया। हापुड़ बाईपास पर कार सवार सभी छह लोग मौत के मुंह में समा गए। ग्राम चौखट निवासी सुहैल किसी प्रतियोगी परीक्षा का पेपर देने के लिए गाजियाबाद जा रहा था जबकि मनव्वर दिल्ली में प्लास्टिक बोर्ड का काम करता था। वहीं इकरार दिल्ली में इलैक्टीशियन का काम करता है। सभी छह लोग दिल्ली जा रहे थे। कार खुर्शीद चला रहा था कि अचानक से कार बेकाबू हो कर सड़क किनारे खड़े ट्रक में जा घुसी। जिसमें सभी की मौत हो गई।
मंडी धनौरा/बछरायूं। सवेरे जब खुर्शीद कार लेकर अपने घर से निकला था तब परिजनों ने कल्पना भी नहीं की थी कि वह अंतिम सफर पर जा रहा है। बताते हैं कि खुर्शीद शीघ्र ही दोबारा घर आने की बात कर रहा था, लेकिन उनको क्या मालूम था कि खुर्शीद इतनी जल्दी वापस आ जाएगा वो भी कफन में लिपट कर। दोनों भाइयों के शव जब गांव पहुंचे तो परिजन बिलख बिलख कर रोने लगे। राजकुमार के परिजन उस घड़ी को कोस रहे थे जब जल्दी पहुंचने की वजह से उनका बेटा खुर्शीद की कार में सवार हो गया। राजकुमार के भाई ने रोते हुए बताया कि उसने भाई को सरकारी बस से जाने की सलाह दी थी, लेकिन उसे क्या पता था कि मौत उसके भाई को बुला रही है। सुहैल और मनव्वर के परिजन भी उस घड़ी को कोस रहे हैं जब वे खुर्शीद की कार में सवार हुए थे। बताया जाता है कि खुर्शीद को कंपनी में अपनी कार लेकर एक निश्चित समय पर पहुंचना था। शायद इसी वजह से उसकी कार की रफ्तार सामान्य से तेज थी। कार बेकाबू हो कर सड़क किनारे खड़े ट्रक में जा घुसी। जिससे कार में सवार छह लोग उसी में पिच गए और मौके पर मौत हो गई। जिससे सभी के परिजनों में कोहराम मचा है। साथ ही हादसा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।