हसनपुर। रहरा-हसनपुर मार्ग पर टाटा मैजिक की टक्कर से बाइक सवार अमरपाल नागर (23) की मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी सोनम घायल हो गई। मौके पर पहुंचे आक्रोशित परिजनों ने टक्कर मारने वाले वाहन के चालक को गिरफ्तार करने की मांग को घटनास्थल पर ही सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। एसडीएम के आश्वासन पर करीब एक घंटे बाद जाम खुल सका। जाम से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
अमरपाल नागर रहरा थानाक्षेत्र के तरौली गांव के रहने वाले वीरपाल नागर के बेटे थे। पुलिस के मुताबिक अमरपाल नागर की शादी तीन माह पहले गांव मंगरौला निवासी सोनम के साथ हुई थी। शनिवार की सुबह करीब दस बजे अमरपाल नागर पत्नी सोनम के साथ बाइक पर सवार होकर हसनपुर से दवाई लेने जा रहे थे। मंगरौला में निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे के नजदीक सामने से आ रही टाटा मैजिक ने टक्कर मार दी। हादसे में दोनों घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल को हसनपुर में निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद मुरादाबाद रेफर कर दिया गया।
रास्ते में ले जाते समय अमरपाल नागर की मौत हो गई। उधर, बाइक को टक्कर मारने वाले वाहन एवं चालक के मौके से भाग जाने की सूचना मिलने पर परिजनों में नाराजगी फैल गई। आक्रोशित परिजन ग्रामीण के साथ घटना स्थल पर पहुंच गए और कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। करीब एक घंटा बाद एसडीएम विभा श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया और जाम खुलवाया। इसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया। उधर, मौत की सूचना से परिजनों में शौक की लहर दौड़ गई है। सीओ दीप कुमार पंत ने बताया कि सड़क हादसे में युवक की मौत हुई है। मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
एक माह में तरौली के तीन लोगाें की हुई सड़क हादसे में मौत
हसनपुर। भारतीय किसान यूनियन शंकर के युवा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत तरौली के प्रधान पति प्रमोद नागर का कहना है कि हसनपुर रहरा मार्ग पर पिछले एक माह में गांव तरौली निवासी तीन लोगों की मौत हो चुकी है। मार्ग पर सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। इससे पहले गांव तरौली निवासी ऋषिपाल और निशा की मौत हो चुकी है।
अमरपाल की मौत से बुझ गया घर का चिराग
हसनपुर। रहरा थाना क्षेत्र के गांव तरौली निवासी अमरपाल नागर की सड़क हादसे में मौत हो गई। अमरपाल की मौत के साथ ही घर का चिराग भी बुझ गया है। परिजनों के मुताबिक अमरपाल तीन बहनों का इकलौता सबसे छोटा भाई था। अमरपाल की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट गया है।