रक्षाबंधन से पहले बुधवार सुबह गांव रहमापुर खालसा में एक हादसे ने दो बहनों से उनका भाई छीन लिया। हादसे में युवक की मौत के बाद से घर में कोहराम मचा हुआ है।
गांव रहमापुर खालसा के निवासी किसान शहेंद्र सिंह का बेटा रोहित कुमार (18) की दो बहनें अंशुल और अंजलि हैं। बुधवार सुबह करीब आठ से साढ़े आठ बजे के बीच रोहित भैंसा गाड़ी से चारा लेकर आया था। वह भैंसा गाड़ी को लेकर अपने घर के पास स्थित घेर में जा रहा था। उसी समय भैंसा बिगड़ गया और इधर-उधर भागने लगा।
इस दौरान भैंसा गाड़ी घेर के गेट के पिलर से टकरा गई। इससे रोहित भी नीचे आ गिरा। वह संभल नहीं पाया था तभी गाड़ी की टक्कर से ईटों का पिलर ढह गया। रोहित पिलर के मलबे के नीचे दब गया। हादसे के बाद ग्रामीण दौड़ कर मौके पर पहुंचे और उसे जख्मी हालत में बाहर निकाला।
आनन-फानन में परिजन रोहित को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां चिकित्साधिकारी ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मां ने सुध-बुध खोया, बहनों का हाल बेहाल
गजरौला। दो बहनों के भाई रोहित की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। जहां एक ओर इकलौते बेटे की मौत से पिता शहेंद्र सिंह और मां राकेश देवी सुधबुध खोकर बैठे हैं। वहीं छोटी बहन अंजलि सदमा बर्दाश्त नहीं कर पा रहीं हैं। बता दें कि रोहित की बड़ी बहन अंशुल मानसिक रूप से कमजोर है। दोपहर में जब अंतिम संस्कार के लिए घर से अर्थी उठी तो बड़ी बहन इन सबसे अंजान थी।
गांव में मंदिर पर भंडारे का कार्यक्रम रद्द
गजरौला। गांव रहमापुर खालसा में रोहित के घर के निकट ही चामुंडा मंदिर है। मंदिर में सात दिवसीय श्री मद् भागवत कथा का बुधवार को समापन हुआ था। समापन के अवसर पर सुबह से ही भंडारे की तैयारियां चल रहीं थीं। हलवाई भट्ठी पर पकवान बना रहे थे।
धार्मिक आयोजन होने से पूरे गांव में खुशी का माहौल था। अचानक हुए हादसे में जवान मौत से गांव में मातम छा गया। जिससे भंडारे का कार्यक्रम भी रद्द कर दिया गया। पूरे गांव में उदासी का माहौल है।