सैदनगली में जुलूस ए सफरे हुसैनी में शामिल लोग। स्रोत आयोजक
- फोटो : घने कोहरे में वाहन की लाइट जलाकर चलते लोग।
नौगांवा सादात। रविवार को कस्बे में सफरे इमाम हुसैन अलै. की याद में जुलूस निकाला गया। जुलूस में शामिल ऊंटों, दुलदुल व अलमों ने उस दौर के मंजर ताजा किए। निर्धारित रास्तों पर गश्त करते हुए जुलूस देर शाम इमाम बारगाह पुख्ता बंगला पहुंचकर संपन्न हुआ।
इस जुलूस का आयोजन 28 रजब के सिलसिले में किया गया। इसी तारीख में नवासा-ए-रसूल हजरत इमाम हुसैन ने काफिले के साथ मक्का से मदीने के लिए सफर शुरू किया था। रविवार को अंजुमन हैदरी के तत्वावधान में इमाम बारगाह पुख्ता बंगला में मजलिस का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया।
मजलिस में मौलाना सफदर हुसैन बाकरी ने वाक्या-ए-कर्बला के बारे में बताया और कहा कि इमाम हुसैन अलै. के इस सफर के मकसद को बताया। उनके इस सफर को इंसाफ, हक और इस्लामी मूल्यों की रक्षा का प्रतीक करार दिया। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन (अ.स.) का यह सफर ज़ुल्म, नाइंसाफी और फसाद के खिलाफ एक संदेश है, जो आज भी दुनिया को इंसानियत की राह दिखा रहा है।
मजलिस के बाद कस्बे में जुलूस निकाला गया। अंजुमने हैदरी ने नोहाख्वानी और सीनाजनी की। जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होता हुआ शांतिपूर्ण ढंग से इमाम बारगाह पुख्ता बंगला पहुंचकर संपन्न हुआ। जुलूस में ऊंट, घोड़े और अलम शामिल रहे। मंजरकशी ने इमाम हुसैन अलै. मदीना से मक्का के लिए शुरू हुए सफर की याद ताजा कर दी। जुलूस के दौरान सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम रहे। प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार ने पुलिस बल के साथ जुलूस की निगरानी की।