अमरोहा। थाना अमरोहा देहात क्षेत्र के तेलीपुरा माफी गांव में मस्जिद के भीतर नई परंपरा को लेकर हुए विवाद में नया मोड़ आ गया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर अब पुलिस ने देवबंदी पक्ष के 10 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत अन्य गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहले इस मामले में बरेलवी पक्ष के दस लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
पांच जनवरी की सुबह फज्र की नमाज के बाद मस्जिद परिसर में बरेलवी और देवबंदी पक्ष के लोगों के बीच विवाद हो गया था। बरेलवी पक्ष के इमरान का आरोप है कि नमाज के बाद जब वह अपने साथियों नदीम, अलाउद्दीन और साजिद के साथ बाहर निकल रहे थे, तभी देवबंदी पक्ष के जुबैर, सद्दाम उर्फ उजैर, शुऐब, परवेज, यूसूफ, यूनूस, सादिक, कासिम, तौफीक और सुहैल समेत अन्य लोग एकत्र होकर गाली-गलौज करते हुए हमला करने लगे।
आरोप है कि आरोपियों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला किया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। बचाव में पहुंचीं महिलाओं के साथ भी मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। घटना के बाद पुलिस ने मेडिकल तो कराया, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की, जिसके बाद उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
उधर, घटना के तुरंत बाद देवबंदी पक्ष की ओर से भी तहरीर दी गई थी, जिसमें बरेलवी पक्ष के तसद्दुक उर्फ इमरान, सिकंदर, अल्ताफ, इलियास, साजिद, शाहिद, फिरोज, अजनबी, नूर और अलाउद्दीन पर मारपीट, पथराव और हथियारों से हमला करने का आरोप लगाया गया था। इस आधार पर पुलिस ने पहले ही बरेलवी पक्ष के लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की थी।
घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात को नियंत्रित कर घायलों को अस्पताल भिजवाया था। अब कोर्ट के आदेश के बाद देवबंदी पक्ष पर भी प्राथमिकी दर्ज होने से मामले ने नया मोड़ ले लिया है। सीओ अवध भान भदौरिया ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से दर्ज प्राथमिकी की निष्पक्ष जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।