बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे यह घटना उझारी के पास घटी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार संभल से हसनपुर की ओर जा रही थी। कार में 10 लोग बैठे थे, जिन्हें संभल से दिल्ली तक सवारी के रूप में भाड़ा लेकर बैठाया गया था। बाल-बाल बचे कार सवारों ने भी गाड़ी का इस्तेमाल टैक्सी के रूप में किए जाने की बात स्वीकार की। कार को लपटों में घिरा देखकर लोगों ने फायर बिग्रेड को सूचना दी, लेकिन दमकल केंद्र 10 किलोमीटर दूर हसनपुर में होने से तत्काल मदद नहीं मिल सकी। लोगों ने पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की लेकिन पूरी कार जल जाने के बाद ही लपटें शांत हुईं।
सीओ दीप कुमार पंत ने बताया कि आग लगते ही चालक कूदकर भाग गया। शार्ट सर्किट आग की वजह मानी जा रही है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि कार गैस चालित तो नहीं थी। जांच कराई जाएगी और कार मालिक व चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कुछ दूरी पर पेट्रोल पंप होने से घबराए लोग
घटना स्थल से कुछ दूरी पर पेट्रोल पंप होने से लोगों की सांसें थमी रहीं। लोग बोले कि गनीमत रही कि घटना के समय हवा तेज नहीं थी, वरना आग फैलने का खतरा बढ़ जाता। कुछ दूरी पर स्थित पंप के लिए भी इस तरह की स्थिति घातक हो सकती थी।
गैस के नाम पर एलपीजी का प्रयोग भी बन रहा घातक
आटोमोबाइल के जानकारों का कहना है कि कारों में एलपीजी का प्रयोग भी आग के खतरे बढ़ा देता है। तमाम लोग पैसा बचाने के चक्कर में कंपनी से फिट गैस किट वाली गाड़ी न लेकर लोकल मिस्त्री से सिलिंडर लगवा लेते हैं। इसके बाद रसोई गैस (एलपीजी) भरकर गाड़ियां दौड़ाते हैं। इस तरह के वाहनों से हादसे की आशंका बनी रहती है। गर्मी में इस तरह की गाड़ियां आग की चपेट में आने का खतरा ज्यादा रहता जाता है। जानकारों ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर से मॉडल के आधार पर बाहर की जा रहीं गाड़ियों का संभल व आसपास टैक्सी के रूप में इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ रहा है। इन्हें सीएनजी की जगह एलपीजी से चलाया जाता है।
उझारी में दमकल केंद्र की मांग उठी
कार में आग की घटना के बाद क्षेत्र में फायर ब्रिगेड सेंटर की मांग उठने लगी। लोगों ने कहा कि संभल-हसनपुर रोड पर दिनोंदिन वाहनों की संख्या बढ़ रही है। कई पेट्रोल पंप भी इस रोड पर हैं। नजदीकी दमकल केंद्र औसतन दस किलोमीटर दूर हसनपुर में है। उझारी में दमकल की व्यवस्था होने पर इस रोड से लेकर नजदीकी गांवों में तक आग के लिहाज से सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।