कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की छात्राओं को अब पढ़ाई के साथ खेलों में भी निपुण बनाया जाएगा। इसके लिए विभाग ने एक केजीबीवी-एक खेल योजना की शुरुआत की जा रही है। जिसमें छात्राओं की रुचि के अनुसार खेलों का चयन किया जाएगा। शुरुआत में योजना के लिए दो स्कूलों का चयन किया जाएगा।
छात्राओं के लिए आवासीय शिक्षा व्यवस्था के तहत कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों की शुरुआत की गई थी। जिले में ऐसे आठ विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। इन विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को पढ़ाई के साथ खेलों में भी निपुण बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए विभाग ने एक केजीबीवी-एक खेल योजना की शुरुआत की है। योजना के अनुसार विद्यालय में छात्राएं अपनी रुचि के अनुसार एक खेल का चयन करेंगी। जिसमें उनको पारंगत किया जाएगा। जिसमें छात्राओं को राज्य स्तर तक अपनी खेल प्रतिभा को दिखाने को मौका मिलेगा।
बनेगी खेल समिति
योजना के संचालन के लिए हर स्कूल में एक खेल समिति का गठन किया जाएगा। वार्डन की अध्यक्षता में व्यायाम शिक्षिका के साथ खेलों में रुचि रखने वाली दो अन्य शिक्षिका और दो खिलाड़ी छात्राओं को समिति में शामिल किया जाएगा। खेलों का आयोजन इसी समिति के माध्यम से होगा।
खेल के अनुसार होगा मैदान का चयन
खेलों के प्रशिक्षण के लिए खेल मैदान का चयन विद्यालय स्तर पर किया जाएगा। खेल के अनुसार ही खेल मैदान का चयन किया जा सकेगा। आवश्यकता के अनुसार विद्यालय के पास सार्वजनिक खेल मैदान या स्टेडियम का चयन किया जा सकेगा।
पोषण व स्वास्थ्य के लिए भी किया जाएगा जागरूक
विद्यालयों में छात्राओं को पोषण व स्वास्थ्य के लिए भी जागरूक किया जाएगा। डाइट प्लान तैयार कर छात्राओं को उसके अनुसार ही भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। समय-समय पर छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण भी होगा।
खेल शिक्षिका का हो सकेगा तबादला
खेल संसाधन व खेल मैदान की उपलब्धता के आधार पर योग्य खेल शिक्षिका की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए खेल शिक्षिकाओं को एक विद्यालय से दूसरे विद्यालयों में स्थानांतरित भी किया जा सकेगा। लेकिन, इसके लिए जनपदीय समिति के परीक्षण के बाद डीएम का अनुमोदन लेना होगा।
- कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं को खेलों से जोड़ने के लिए एक केजीबीवी-एक खेल योजना की शुरुआत की जा रही है। योजना के क्रियान्वयन को शासन से दिशा निर्देश मिले हैं। जल्द ही विद्यालयों का चयन किया जाएगा। - भारत भूषण त्यागी, बीईओ मुख्यालय/ डीसी बालिका शिक्षा