सोमवार देर रात सब्जी मंडी में सामान से भरी टीन शेड में आग लग गई। कुछ देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। आग की लपटें आसमान छूने लगीं। बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स मौके पर बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियों से पानी की बौछार की गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर स्थिति का जायजा लिया था। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया था। लेकिन, मंगलवार सुबह सब्जी मंडी का नजारा अलग दिखाई दिया। दिनभर सब्जी कारोबारी अपने जले सामान और नुकसान का आकलन करते रहे।
एएसपी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि वैसे तो आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया है, लेकिन पुलिस मामले की जांच कर रही है। उधर, मंगलवार को उप निदेशक मंडी परिषद अविनाश चंद मौर्य, संयुक्त निदेशक मंडी परिषद निर्माण मुरादाबाद महेंद्र कुमार, उप निदेशक विद्युत यांत्रिकी आलोक कुमार जांच के लिए पहुंचे। उन्होंने गहनता से घटना की जांच की। अधिकारियों ने आशंका जताई कि अग्निकांड का कारण शॉर्ट के साथ-साथ कुछ और भी हो सकता है। इसकी जांच कराई जाएगी। जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की गई है। जिसमें मंडी समिति के सभापति, मंडी सचिव व लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन व एफएसओ शामिल होंगे। जोकि, क्षति का आकलन करेंगे।
19 दुकानों में हुआ नुकसान
अग्निकांड के बाद 19 दुकानों में सबसे अधिक नुकसान हुआ है। इन दुकानों में आढ़तियों की लेबर रुकती है। अच्छी बात यह है कि आग लगते ही लेबर वहां से बाहर आ गई। इन दुकानों में फल, सब्जी के अलावा सिलिंडर व सामान भी रखा था। कहीं सिलिंडर पर खाना बनाने के दौरान आग तो नहीं लगी, इसकी जांच हो रही है।
काम नहीं आ सके अग्निशमन यंत्र
वैसे तो मंडी समिति परिसर में अग्निशमन यंत्र लगे हैं, लेकिन रात में भीषण आग लगने के बाद सभी यंत्र धरे रह गए। आग इतनी विकराल थी, लेकिन स्टाफ व अन्य लोग उनका प्रयोग करना ही भूल गए। हालांकि, आसपास के जिलों से आईं पांच दमकल कर्मियों की गाड़ियों ने छह घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
- आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। वहीं, आग से कितना नुकसान हुआ, इसका आकलन भी किया जा रहा है। इसकी सूचना स्थानीय स्तर से संकलित होने के बाद शासन को भेजी जाएगी। उसके बाद मामले की जांच की जाएगी। मसीहा नजम, डिप्टी कलक्टर/सभापति मंडी