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Amroha News: 82 वाहन अनफिट, फिर भी ढो रहे बच्चे

Sun, 13 Jul 2025 02:04 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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अमरोहा। शासन की सख्ती के बाद भी परिवहन विभाग के अधिकारी गंभीर नहीं है। अनफिट वाहनों के खिलाफ चलाया गया अभियान सिर्फ कागजों तक सीमित है जबकि सड़कों पर अनफिट स्कूली वाहन दौड़ रहे हैं। इनसे बच्चों को लाया ले जाया जा रहा है। जिससे बच्चों की जान को खतरा रहता है। परिवहन विभाग के मुताबिक जनपद में 692 स्कूली वाहन पंजीकृत है। इनमें से 82 की फिटनेस नहीं हो सकी है। हालांकि, सड़कों पर इनसे कही ज्यादा दौड़ रहे है।
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शनिवार को भी अनफिट वाहनों व ई-रिक्शा में मानक से ज्यादा बच्चों को बैठे हुए देखा गया। बच्चों का सफर जोखिम भरा रहता है। सड़कों पर दौड़ने वाले अधिकांश स्कूली वाहन अनफिट हैं। स्कूल प्रबंधन और वाहन मालिक उनकी फिटनेस करने को तैयार नहीं है। परिवहन विभाग के अधिकारी कार्रवाई करने के नाम पर सिर्फ चालान काटकर खानापूर्ति कर लेते हैं।

ग्रीष्मावकाश के बाद एक जुलाई से जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूल व कॉलेजों में शिक्षण कार्य शुरू हो गया है। वहीं, स्कूल खुलते ही अनफिट वाहनों में बच्चों को ढोया जाने लगा है। इससे उनकी जान को खतरा बना है। शासन की ओर से एक से 15 जुलाई तक अनफिट वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद परिवहन विभाग के अफसरों ने अनफिट स्कूली वाहनों की धरपकड़ के लिए दो दिन अभियान चलाकर 15 वाहनाें के चालान काटे थे। इसके बाद अभियान बंद हो गया। परिवहन विभाग के रिकॉर्ड में जिले करीब 692 स्कूल वाहन पंजीकृत हैं, लेकिन सड़कों पर इससे कहीं ज्यादा स्कूली वाहन दौड़ रहे हैं।
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अमूमन हर मार्ग पर ऐसे खतरनाक वाहन फर्राटा भर रहे हैं। मैक्स, मारुति वैन और टाटा मैजिक सहित तमाम वाहनों में स्कूली बच्चों को ढोने का काम कर रहे हैं, जिनमें से अधिकांश की हालत खस्ता है जबकि कई वाहनों में तो नियम विरुद्ध गैस किट भी लगी हैं और इनमें सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। साथ ही फर्स्ट एड बॉक्स भी नहीं है। कुल 692 स्कूल वाहनों में से 82 की फिटनेस भी नहीं हो सकी है जबकि, इन स्कूली वाहनों से बच्चों को ढोया जा रहा है।

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स्कूल वाहन के लिए यह हैं मानक

वाहन मानक विहीन अनफिट, सीटिंग क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को लाते या ले-जाते पाया जाता है तो उस वाहन मालिक, विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, जिसका समस्त उत्तरदायित्व वाहन मालिक और विद्यालय प्रबंधन का होगा। उन्होंने बताया कि स्कूल वाहन पीले रंग का हो, स्कूल का नाम लिखा हो, बसों में दो एवं वैन में एक अग्निशमन यंत्र अवश्य हो। फर्स्ट एड बॉक्स अवश्य हो। गति सीमा यंत्र लगा होना चाहिए।

नियमानुसार सीट बेल्ट का प्रावधान है। प्रेशर हॉर्न मल्टीटोन हॉर्न नहीं लगा होना चाहिए। स्कूल बसों में आपातकालीन खिड़की द्वार अवश्य हों, स्कूल बसों की खिड़की पर स्टील की छड़ क्षैतिज लगी हो। स्कूल बसों में सीट के नीचे स्कूल बैग रखने की जगह भी होनी चाहिए। बसों के प्रवेश द्वार पर हैंडरेल लगा हो और वाहन पर पुलिस, फायर, एंबुलेंस, हॉस्पिटल, प्रबंधक, प्रधानाचार्य, चालक, परिचालक का नंबर अंकित होना अनिवार्य है।
- अभियान चलाकर अनफिट वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। पिछले दिनों भी इन वाहनों पर कार्रवाई की गई थी। अभी भी अभियान जारी है। यातायात नियमों को तोड़ने वालों वाहन चालकों को बख्शा नहीं जाएगा। - महेश शर्मा, एआरटीओ
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