गजरौला (अमरोहा)। रामगंगा पोषक नहर पर चकनवाला के सामने पुल की एप्रोच रोड एकाएक धंस गई। इससे ईंटों से भरी ट्रॉली धंसी हुई सड़क की गहराई में समा गई। शनिवार सुबह हुई इस घटना पर गंभीर विधायक राजीव तरारा ने पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव तथा अन्य आला अफसरों को जानकारी दी। साथ ही सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाया, जिससे हरकत में आए नौकरशाहों ने करीब नौ घंटे में ही प्रभावित स्थान की मरम्मत करवा दी।
घटना शनिवार सुबह करीब नौ बजे की है। आसपास मौजूद लोगों ने ईंटों से भरी ट्रॉली को ट्रैक्टर से ले रहे शख्स ने जैसे ही नहर के पुल को पार किया, तभी हादसा हो गया। एप्रोच रोड का हिस्सा घंसने से करीब दो फीट गहरा गड्ढा हो गया। गड्ढे में ट्रॉली के फंसने से करीब 11 गांवों का रास्ता प्रभावित हुआ। विधायक के दखल से इधर से उधर फोन खटके तो पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता कमला शंकर, अधीक्षण अभियंता एसपी सिंह, अधिशासी अभियंता गौरव रंजन, एई रणवीर सिंह, सेतु निगम की गाजियाबाद इकाई के प्रोजेेक्ट मैनेजर रजनीश यादव मौके पर पहुंचे। अफसरों की इस सक्रियता से करीब नौ घंटे बाद शाम छह बजे प्रभावित रास्ते को दुरुस्त कर दिया गया।
16 महीने पहले ही तैयार एप्रोच रोड के इस हाल पर उठे सवाल
गजरौला। जानकारों ने बताया कि पुल की यह एप्रोच रोड महज 16 माह पहले ही तैयार हुई थी। इस काम पर करीब सवा सात रुपये की लागत आई थी। इतने कम समय में रोड के इस हाल से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
चकनवाला के सामने नहर पर पक्के पुल का काम पिछले साल मार्च में पूरा हुआ था। राज्य सेतु निगम की गाजियाबाद इकाई ने यह काम कराया था और पिछले साल पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर हुआ था। लोगों ने बताया कि एप्रोच रोड पिछले साल भी धंस गई थी। रोड पर गड्ढा हो गया था। तब भी विधायक के निर्देश पर अधिकारियों ने मौके पर जाकर गड्ढा भरवाया था। निर्माण कार्य की कमजोरी पर विधायक ने प्रमुख सचिव से कमेटी गठित कर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि गुणवत्ता की अनदेखी का सच और दोषियों के नाम सामने आने चाहिए। संवाद