फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मदरसे के नाम पर नहीं चलेगा फर्जीवाड़ा, छात्रों की संख्या में नहीं होगा खेल

विज्ञापन
विज्ञापन
मदरसे के नाम पर नहीं चलेगा फर्जीवाड़ा, छात्रों की संख्या में नहीं होगा खेल
विज्ञापन


शासन के आदेश पर प्रत्येक मदरसे की होगी ऑन लाइन फीडिंग
विभाग ने प्रत्येक प्रबंधक से सील सहित मांगी तय प्रारूप पर रिपोर्ट

अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
मदरसे के नाम पर अब फर्जीवाड़ा नहीं चलेगा। संचालक छात्रों की संख्या में भी कोई खेल नहीं कर पाएंगे। शासन ने प्रत्येक मदरसे व छात्र की ऑन लाइन फीडिंग को कार्रवाई छेड़ दी है। आदेश प्राप्त होने के बाद अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने प्रत्येक मदरसे के प्रबंधक से एक परफार्मे पर सील बंद रिपोर्ट मांगी है। कुछ मदरसा संचालकों ने यह रिपोर्ट विभाग को सौंप दी है, जबकि कुछ के द्वारा पूरा शिजरा तैयार किया जा रहा है।
जिले भर में करीब 750 मदरसे संचालित हैं। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के रिकार्ड में भी इतने ही मदरसे दर्ज हैं, लेकिन शिकायतें मिल रही थीं कि मदरसे के नाम पर फर्जीवाड़ा हो रहा है। जहां मदरसा दिखाया गया है, वहां पर कुछ नहीं है। छात्रों की संख्या भी तमाम मदरसों में बेहद कम है, लेकिन संचालकों ने कागजों में दर्शा अधिक रखी है। इसके बूते तमाम मदरसे छात्रों की छात्रवृत्ति भी हड़प चुके थे, लेकिन अब ये खेल नहीं खेला जाएगा। मदरसों को लेकर शासन बेहद सख्त हो गया है।
विज्ञापन

उसने प्रत्येक मदरसे का नाम व पता तथा छात्रों की संख्या आदि से संबंधित रिकार्ड को ऑन लाइन करने के आदेश विभाग को दिए हैं। जिस पर अमल करते हुए महकमे के अफसरों ने मदरसा प्रबंधकों से प्राथमिक व उच्च प्राथमिक मदरसे में पंजीकृत कुल छात्रों की संख्या, प्राथमिक व उच्च प्राथमिक मदरसों में पंजीकृत छात्रों में आधार नामांकन छात्रों की संख्या, कुल आधार नामांकन छात्रों की संख्या, पंजीकृत छात्रों की संख्या, जिनका आधार नामांकन अवशेष है व अन्य तमाम विवरण उपलब्ध कराने को कहा है, जिसे लेकर मदरसा संचालक व प्रबंधक बेचैन हो गए हैं। एक परफार्मे पर पूरा ब्यौरा देने के निर्देश दिए हैं, जो प्रबंधक के हस्ताक्षर के बाद सील सहित दिया जाएगा।
विज्ञापन


बयान
शासन के आदेश पर ही मदरसा संचालकों व प्रबंधकों से छात्रों की संख्या, मदरसों का नाम व पता समेत कई जानकारियां मांगी गई हैं, जिनको ऑन लाइन फीड किया जाएगा। इसके बाद सूचना शासन के पास भेजी जाएगी। कुछ मदरसों से सूचना प्राप्त हो गई हैं। अन्य से भी धीरे-धीरे आ रही है।
- सीबी श्रीवास्तव, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें