थाना क्षेत्र के गांव दमगढ़ा में 70 वर्षीय बुजुर्ग राम सिंह का परिवार रहता है। शुक्रवार की दोपहर को परिवार लोग खेत पर गए हुए थे। घर पर टीन शेड में बुजुर्ग राम सिंह चारपाई पर लगे बिस्तर पर सो हुए थे। पास में ही परात में सर्दी से बचने के लिए अलाव जल रही थी।
इसी बीच लिहाफ का एक हिस्सा नीचे अलाव पर गिर गया। जिसकी वजह से बिस्तर में आग लग गई। आग की लपटें तेज होने की वजह से वह राम सिंह नहीं उठ पाए। जिसके चलते उनकी जिंदा जलकर मौत हो गई। घर से धुंआ उठता देख पड़ोसियों ने मौके पर जाकर देखा तो बहुत देर हो चुकी थी। उनकी सूचना पर परिजन खेत से लौटे तो राम सिंह की मौत से उनके होश उड़ गए। बाद में बिना किसी कानूनी कार्रवाई के ही शव अंतिम संस्कार कर दिया गया। बुजुर्ग की मौत से परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है।
पहले ही तबाह हो चुका है राम सिंह का परिवार
आग में जिंदा जलकर मरने वाले राम सिंह का परिवार पहले ही तबाह हो चुका है। राम सिंह के तीन बेटे थे। जिसमें विजयपाल, रमेश, बलजीत सिंह थे। तीनों बेटों की मौत कई वर्ष पहले ही अलग-अलग हादसों की वजह हो चुकी है। तीन दिन पूर्व राम सिंह के 28 वर्षीय पौत्र राहुल पुत्र बलजीत की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। परिवार के लोग राहुल की मौत से गम से अभी उबर नहीं पाए थे कि अब राम सिंह की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। परिवार में राम सिंह के पौत्र राहुल का एक बेटा व दो बेटी और विजयपाल की बेटी, रमेश के तीन बच्चे बचे हैं।