जीएसटी में दो सौ रुपये से ज्यादा की बिक्री पर बिल देना जरूरी
बिल ना देने पर हो सकती है कड़ी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला।
जीएसटी में पंजीकरण कराने वाले व्यापारियों को अपनी दुकान की पूरी बिक्री की लेखा जोखा रखना होगा। दो सौ रुपये से अधिक की वस्तु बेचने पर ग्राहक को टैक्स इनवाइस बिल देना जरूरी होगा। व्यापारी को दो सौ रुपये से कम की बेची गई वस्तुओं का लेखा-जोखा भी रखना पड़ेगा। ग्राहक को बिल ना देने पर कार्रवाई भी हो सकती है। जल्द ही वाणिज्य कर अफसर व्यापारिक लेनदेन के रिकार्ड की निगरानी शुरू करेंगे।
व्यापारियों को वैट में ढाई सौ रुपये या इससे अधिक का माल बेचने पर ग्राहक को बिल देने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही वैट में ढाई सौ रुपये से कम की बिक्री पर ग्राहक की इच्छा पर बिल दिया जा सकता था, लेकिन जीएसटी की इस नई व्यवस्था में बदलाव किया गया है। व्यापारी को अब दो सौ रुपये या इससे अधिक का माल बेचने पर ग्राहक को बिल जारी करना अनिवार्य होगा। इस राशि से कम का सामान लेने पर ग्राहक बिल मांगता है, तो भी उस स्थिति में बिल देना होगा। इतना ही नहीं दिनभर कि बिक्री में दो सौ रुपये से कम की कीमत पर बेची गई वस्तुएं, जिनका बिल जारी नहीं किया गया था। ऐसी सभी वस्तुओं को सूचीबद्घ करना है। ताकि रिटर्न भरते समय माल के मिलान में परेशानी ना हो।
मालूम हो कि एक जुुलाई से पूरे देश में समान टैक्स व्यवस्था लागू हो गई है। अब व्यापारियों को साल में बीस लाख से अधिक टर्न ओवर पर टैक्स भरना है। जीएसटी में टैक्स की दरें 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत निर्धारित की गई हैं। इस व्यवस्था में व्यापारियों को हर महीने तीन और साल में कुल 37 बार रिटर्न दाखिल करना है।
व्यापारी ऐसे बना सकते हैं प्रारूप
-सप्लायर का नाम, पता और जीएसटी
-सीरियल नंबर एक या मल्टीपल सीरीज, वित्त वर्ष के लिए यूनिक
-इसू होने की तिथि
-प्राप्तकर्ता का नाम, पता, जीएसटी, (खरीद करने वाला अगर पंजीकृत व्यापारी हो )
-वस्तु कोड, माल या सेवा का विवरण, सेवा की मात्रा
-सप्लाई का कुल मूल्य, कर दर, चार्ज कर
-प्लेस ऑफ सप्लाई
-डिलीवरी का पता, अगर सप्लाई भेजने का स्थान अलग हो
-क्या कर रिवर्स चार्ज बेसिस पर है
-हस्ताक्षर/डिजिटल हस्ताक्षर
कप्यूटर पर फार्मेट बना सकते हैं छोटे व्यापारी
गजरौला। वाणिज्य कर असिस्टेंट कमिश्नर व जीएसटी हेल्प डेस्क प्रभारी केया शुक्ला ने बताया कि दो सौ रुपये से कम की बिक्री की वस्तुओं को सूचीबद्घ करने के लिए व्यापारी कंप्यूटर पर अपने हिसाब से फार्मेट तैयार कर सकते हैं। जल्द ही विभाग व्यापारियों की निगरानी शुरू कर देगा कि वह ग्राहकों को बिल दे भी रहे हैं या नहीं। बताया कि जीएसटी टैक्स इनवाइस बिल का कोई निर्धारित प्रारूप नहीं है। इसमे 16 सूचनाओं को दर्शाना है। व्यापारी अपने दायरे के हिसाब से सूचनाएं टैक्स इनवाइस में दर्शा सकते हैं।