स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत गंगा किनारे के गांवों को खुले में शौच रहित बनाने की मुहिम में बरती जा रही लापरवाही पर तीन ग्राम पंचायत सचिव और पांच नोडल अधिकारी कार्रवाई की जद में आ गए हैं। डीएम ने तीन ग्राम पंचायत सचिव को सस्पेंड करने और पांच नोडल अधिकारियों को एडवर्स एंट्री देने की संस्तुति की है। साथ थी संबंधित ग्राम पंचायत के वीडीओ, एडीओ पंचायत को चेतावनी देते हुए प्रगति में सुधार लाने की हिदायत दी है। उधर, इस कार्रवाई से खलबली मची गई है।
बता दें कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत बीस जनवरी तक गंगा किनारे के 87 गांवों को खुले में शौच रहित बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक गंगा किनारे की 41 ग्राम पंचायतें ही ओडीएफ हो पाई हैं। सोमवार को डीएम वेद प्रकाश ने अभियान की समीक्षा की। जिसमें प्रगति सही नहीं मिली। तीन ग्राम पंचायत सचिव और पांच नोडल अधिकारियों की कार्य प्रगति सही न मिलने कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
तीन ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित करने के निर्देश डीपीआरओ जाहिद हुसैन को दिए हैं। कार्रवाई की जद में आने वालों में गंगेश्वरी ब्लाक के दो ग्राम पंचायत सचिव और धनौरा ब्लाक का एक सचिव शामिल हैं।
साथ ही पांच नोडल अधिकारियों को एडवर्स एंट्री देने की डीएम ने संस्तुति की है। इसके अलावा संबंधित ग्राम पंचायत के ग्राम वीडीओ, एडीओ पंचायत को चेतावनी दी गई है। कहा कि अभियान में लापरवाही करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।