शहरी क्षेत्रों में विकास को गति दिए जाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अलग-अलग मिलने वाले बजट से शहरी क्षेत्रों में कार्यों को गति दी जाती रही है। निबंधन विभाग की ओर से भी विकास शुल्क के रूप में दो प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क वसूला जाता है। जिसको शहरी क्षेत्रों में विकास पर खर्च करना होता है।
हाल में जिले की पांच नगर पालिका और चार नगर पंचायतों को पिछले वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही में वसूले गए विकास शुल्क की राशि को जारी किए गए है। सभी निकायों को 2.41 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। जिनसे शहर के विकास को रफ्तार दी जाएगी। इस रकम को शहर के विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा।
यह होंगे काम
विकास शुल्क के रूप में वसूली गई रकम से शहरों का विकास रफ्तार भरेगा। इस राशि से जिसके सड़कों निर्माण, नाली, पथ प्रकाश, इंटरलॉकिंग आदि का काम कराया का सकेगा।
अनटाइड ग्रांट से गजरौला व उझारी को मिले 2.37 करोड़
गजरौला नगर पालिका व उझारी नगर पंचायत को अनटाइड ग्रांट से भी बजट दिया गया है। जिसके तहत गजरौला को 1,68,46,738 रुपये और उझारी को 68,81,519 रुपये जारी किए गए हैं। दोनों निकायों को यह बजट 15वें वित्त की मद से जारी किया गया है। जिससे निकायों में और विकास कार्य कराए जा सकेंगे।
किस निकाय को मिला कितना
नगर पालिका अमरोहा - 9135335 रुपये
नगर पालिका गजरौला - 4058235 रुपये
नगर पालिका धनौरा - 2699280 रुपये
नगर पालिका बछरायूं - 1466250 रुपये
नगर पालिका हसनपुर - 1818150 रुपये
नगर पंचायत नौगांवा सादात - 1844370 रुपये
नगर पंचायत जोया - 2087844 रुपये
नगर पंचायत उझारी - 311190 रुपये
नगर पंचायत सैदनगली - 730020 रुपये
- निकायों में शासन द्वारा मिलने वाले बजट से लगातार विकास कार्य कराए जाते हैं। विकास शुल्क के रूप में वसूले गए स्टांप शुल्क से भी निकायों को धनराशि मिली है। जिससे भी निकायों के विकास पर खर्च किया जाएगा। -
ब्रजेश कुमार त्रिपाठी, एडीएम वित्त व राजस्व