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सारी चीनी बिकने के बाद भी भुगतान नहीं हो पाएगा

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मंडी धनौरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 अक्तूबर तक गन्ना किसानों के बकाया का भुगतान करने की बात कही है। लेकिन क्षेत्र की वेव शुगर मिल खुद को भुगतान कर पाने में असमर्थ मान रही है। मिल का कहना है कि अगर प्रबंध तंत्र अपने गोदाम में रखा चीनी का सारा स्टाक भी बेच दे तो भी किसानों का पेराई सत्र 2017-18 का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं हो पाएगा।
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चीनी के दामों में कमी व शीरा लगभग फ्री के भाव बिकने की वजह से बीते पेराई सत्र में चीनी उद्योग पर संकट रहा। इस साल भी चीनी उद्योग के उबरने के आसार नहीं हैं। चीनी मिलों के गोदाम चीनी से पटे हुए हैं। वेव इंडस्ट्रीज के गोदाम में इस समय लगभग छह लाख क्विंटल चीनी स्टाक में है। वेव इंडस्ट्रीज के मुख्य गन्ना महा प्रबंधक बीएस चौहान का कहना है कि वेव इंडस्ट्रीज पर किसानों का लगभग 87 करोड़ रुपया बकाया है। उनके गोदाम में छह लाख क्विंटल चीनी मौजूद है। मिल प्रबंधन ने 2800 रुपये प्रति बोरा के हिसाब से बैंकों को चीनी बंधक रखी हुई है। वर्तमान में एक क्विंटल चीनी की बिक्री पर मिल को 3060 रुपये मिल रहे हैं। केंद्र सरकार प्रति माह एक लाख क्विंटल चीनी की बिक्री की अनुमति दे रही है। इस हिसाब से मौजूदा स्टाक मार्च 2019 तक बिकेगा। चीनी का सारा स्टाक बेचकर भी किसानों का बकाया भुगतान नहीं किया जा सकेगा। उनका कहना था कि उनकी मिल के गोदामों की स्टोरेज क्षमता लगभग 14 लाख क्विंटल चीनी की है। छह लाख क्विंटल चीनी सितंबर के बाद मौजूद रहेगी। इस साल पेराई शुरू होने के दो माह में ही गोदाम फुल हो जाएंगे। बनी चीनी को रखने की समस्या भी प्रबंधन के सामने रहेगी। उनका कहना है कि मिल प्रबंधन किसी भी स्थिति में मार्च 2019 तक पिछला बकाया भुगतान करने की स्थिति में नहीं है।
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