सरकार ने 2025 में देश को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। इसी कड़ी में टीबी के मरीजों को घर-घर जाकर खोजा जा रहा है। टीबी का मरीज चिह्नित होने पर उसका निक्षय पोषण योजना में पंजीकरण किया जाता है। नि:शुल्क इलाज के साथ उसके खाते में पोषण के लिए रुपये दिए जाते है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जनवरी से जिले में 100 दिन टीबी जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए टीम में लगाई गई हैं।
15 दिन के अभियान में 376 नए टीबी मरीज मिले हैं। इसे लेकर प्रक्रिया लगातार चल रही है। टीबी के सामने आए नए मामलों में अधिकतर मरीज अन्य रोगों से भी पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों के एक्सरे किए जा रहे हैं। एक्सरे में टीबी होने की संभावना नजर आने पर उन लोगों के टीबी टेस्ट भी किए जा रहे हैं, ताकि रोग की पुष्टि हो सके।
अभियान में उन लोगों की जांच भी जा रही है, जो पांच साल में टीबी से पीड़ित पाए गए थे और इलाज के बाद टीबी को हराकर स्वस्थ हो गए थे। ऐसे लोगों के परिवार सदस्यों की टेस्टिंग भी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक टीबी के करीब 2200 मरीज पुराने हैं। जबकि, 376 मरीज नए मिले हैं। जिले में अब तक टीबी के मरीजों की संख्या 2576 हो गई है। अभियान लगातार जारी है।