अमरोहा। उम्मीद पोर्टल पर अमरोहा जिले की वक्फ संपत्तियों का ब्योरा अपलोड नहीं हो सका है। स्थिति यह है कि शिया और सुन्नी की 3649 वक्फ संपत्तियों में से सिर्फ 714 का विवरण ही पोर्टल पर अपलोड हो पाया है।
इससे साफ है कि संपत्तियों का विवरण अपलोड करने में लापरवाही बरती जा रही है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने भी वक्फ बाय यूजर समेत सभी वक्फ संपत्तियाें का अनिवार्य पंजीकरण के लिए समय बढ़ाने से इन्कार कर दिया है, जिसके बाद अल्पसंख्यक विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों में खलबली मची हुई है। वक्फ संपत्तियों के मुतवल्ली, सचिव, प्रशासक व प्रबंध समिति के पदाधिकारी भी परेशान है। आंकड़ों की बात करें तो अमरोहा जिले में लगभग 1799 सुन्नी और 1850 शिया वक्फ संपत्तियां है। केंद्र सरकार ने शिया और सुन्नी वक्फ संपत्तियों को उम्मीद पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य कर दिया है। एकीकृत वक्फ प्रबंधन सशक्तीकरण दक्षता और विकास (उम्मीद) अधिनियम लागू होने से इस कार्य में तेजी लाने के लिए कहा गया था। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नौशाद हुसैन ने वक्फ संपत्तियां को विवरण उम्मीद पोर्टल पर अपलोड कराने के लिए सुन्नी व शिया वक्फ के मुतवल्ली, सचिव, प्रशासक व प्रबंध समिति को निर्देश दिए थे।
इसकी अंतिम तिथि पांच दिसंबर है। बावजूद इसकी संपत्तियों का विवरण पोर्टल पर अपलोड करने में सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। स्थिति यह है कि 1799 सुन्नी वक्फ संपत्तियाें में से 134 का अपलोड करने का कार्य प्रोसेस में है। जबकि 351 संपत्तियों का विवरण अपलोड करके सबमिट किया जा चुका है।
इस तरह सुन्नी वक्फ की केवल 485 संपत्तियाें का विवरण ही अपलोड हो सका हैं। जबकि 1850 शिया वक्फ संपत्तियाें में से केवल 171 संपत्तियों का विवरण अपलोड करके सबमिट किया जा चुका है। जबकि 58 संपत्तियों का विवरण अपलोड करने की प्रक्रिया प्रोसेस में है और इस तरह सिर्फ 229 शिया वक्त संपत्तियों का विवरण ही अपलोड हो सका है।