प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक की बलदाना हीरा सिंह शाखा गजरौला क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आती है। शाखा में मुरादाबाद के सूर्यनगर लाइन पार कॉलोनी निवासी मनोज कुमार सैनी तीन जुलाई 2020 को शाखा प्रबंधक के पद पर तैनात हुए थे। शाखा में उनका कार्यकाल 26 मई 2023 तक रहा। इसके बाद कमल कांत टंडन को शाखा प्रबंधक बनाया गया। लेकिन, चार नवंबर 2023 को बैंक के नियमित निरीक्षण के दौरान अनाधिकृत और संदिग्ध लेनदेन पकड़ में आया। जिसके बाद विभागीय अधिकारियों के होश उड़ गए। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर तत्कालीन शाखा प्रबंधक मनोज कुमार सैनी के कार्यकाल में हुए लेनदेन की विभागीय जांच कराई गई। जिसके बाद बैंक में हुए घोटाले की परतें खुलती चली गईं।
जांच में सामने आया कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक मनोज कुमार सैनी के कार्यकाल में करीब 121 फर्जी कृषि ऋण खाते खोलकर 3.45 करोड़ रुपये का गबन किया गया। इन खातों से संबंधित कोई ऋण दस्तावेज बैंक शाखा में उपलब्ध नहीं हैं। इतना ही नहीं धनराशि आहरित और अंतरित का कोई वाउचर भी बैंक शाखा में नहीं मिला है। जांच में यह भी सामने आया कि ये पूरा गबन मनोज कुमार सैनी की यूजर आईडी से किया गया। जांच में दोषी मिलने के बाद विभाग ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक मनोज कुमार सैनी को निलंबित कर दिया है। साथ ही बैंक शाखा में हुए घोटाले में कार्रवाई के लिए वर्तमान शाखा प्रबंधक कमल कांत टंडन ने एसपी कुंवर अनुपम कार्यालय में पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस को सौंपी गई फर्जी कृषि ऋण खातों की डिटेल
प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक की बलदाना हीरा सिंह शाखा के वर्तमान प्रबंधक कमल कांत टंडन ने पुलिस को 121 फर्जी कृषि ऋण खाता की डिटेल और विभागीय जांच रिपोर्ट भी सौंपी है। बैंक प्रबंधक कमल कांत टंडन के मुताबिक शाखा बलदाना हीरा सिंह रजबपुर थानाक्षेत्र में पड़ती है। इसलिए मुकदमा दर्ज भी रजबपुर थाने में होगा।
फर्जी खातों में दर्शाए गए अधिकांश लोग मुरादाबाद के
हैरत की बात यह है कि प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक की बलदाना हीरा सिंह शाखा अमरोहा में है। जबकि, 121 फर्जी कृषि ऋण खातों में दर्शाए गए अधिकांश लोग मुरादाबाद के हैं।
किसी खाते से ढाई तो किसी से तीन लाख निकले
बलदाना हीरा सिंह बैंक शाखा में हुए घोटाले की जांच की गई तो पता चला कि किसी खाते में ढाई तो किसी से तीन लाख रुपये निकले गए हैं। कुछ खाते ऐसे भी हैं जिसमें धनराशि जमा की गई है, लेकिन बकाया भी है। इतना ही नहीं मुरादाबाद जनपद के डिलारी मिलक अमावती के रहने वाले खान बहादुर को तीन लाख रुपये का ऋण देना दर्शाया गया है। जबकि, 11 जून 2024 को इस खाते को बंद किया गया है।
हसनपुर की प्रथम बैंक शाखा मंडी समिति में भी हुआ था 14.85 करोड़ का घोटाला
हसनपुर में प्रथमा बैंक की मंडी समिति शाखा में अगस्त 2017 में 14.85 करोड़ों के घोटाले का खुलासा हुआ था। तत्कालीन शाखा प्रबंधक विपिन कुमार द्वारा ओवरड्राफ्ट लिमिट के उन खातों में करोड़ों की धनराशि ट्रांसफर कर दी थी, जिनकी लिमिट एक से दस लाख रुपये तक थी। ये खाते उनके चहेतों के थे। ये लोग इस धनराशि का प्रयोग प्राॅपर्टी डीलिंग समेत अन्य धंधों में करते थे। इससे होने वाले मुनाफे में बैंक मैनेजर की भी हिस्सेदारी थी। बैंक के शीर्ष अधिकारियों ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक विपिन कुमार, फील्ड अफसर नवीन शर्मा एवं वीसी जितेंद्र आर्य समेत पूरे स्टाफ को हटाकर नए स्टाफ की तैनाती की थी। मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। 25 फरवरी 2022 को घोटाले का आरोपी तत्कालीन फील्ड अफसर नवीन शर्मा गाजियाबाद सीबीआई की अदालत में पेश हुआ था। दूसरे आरोपी वीसी जितेंद्र आर्य को पांच अप्रैल को सीबीआई की टीम ने हसनपुर से गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद सीबीआई टीम ने मुख्य आरोपी तत्कालीन बैंक प्रबंधक विपिन कुमार को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में उसे गाजियाबाद ले जाकर कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया था।
- बलदाना हीरा सिंह शाखा में 121 फर्जी कृषि ऋण खाते खोलकर 3.45 करोड़ रुपये गबन करने का मामला सामने आया था। विभागीय जांच के बाद तत्कालीन शाखा प्रबंधक मनोज कुमार सैनी को निलंबित कर दिया गया है। मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
-कपिल अग्रवाल, रीजनल मैनेजर गजरौला