अमरोहा। पशुओं को खुरपका और मुंहपका बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा जो 23 जुलाई से शुरू होगा। इसमें करीब 6.50 लाख पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा। इसके लिए 32 टीमें लगाई गईं हैं।
खुरपका-मुंहपका रोग गाय-भैंस, भेड़, बकरी, सुअर आदि जानवरों में फैलता है। बारिश के दिनों में इस रोग के फैलने का खतरा अधिक रहता है। इस बीमारी से पशुओं को दिक्कतें होती हैं वहीं पशुपालकों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। बीमारी से ग्रसित पशुओं से दुग्ध का उत्पादन काफी कम हो जाता है। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा इस बीमारी से जानवरों को बचाने के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। 23 जुलाई से टीकाकरण अभियान की शुरुआत होगी। इसमें पशुपालन विभाग की टीम घर-घर जाकर पशुओं का टीकाकरण करेगी। इसके लिए माइक्रो प्लान तैयार किया जा रहा है। जिलेभर में करीब साढ़े छह लाख पशुओं का टीकाकरण करने के लिए 32 टीमें लगाई जाएंगी।
जिले में पहुंची 6.50 लाख वैक्सीन
सीवीओ डॉ. आभा दत्त के अनुसार टीकाकरण के लिए जिले में साढ़े छह लाख वैक्सीन पहुंच चुकी हैं। इनको कोल्डचेन में सुरक्षित रखवाया गया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही बैठक की टीकाकरण अभियान की रूपरेखा तैयार की जाएगी। टीकाकरण अभियान के दौरान ही पशुओं की टेगिंग की उसका विवरण भारत पशु धन एप पर दर्ज करना होगा।
-
खुरपका व मुंहपका रोग के लक्षण
- पशु को तेज बुखार आना
- मुंह, जीभ, मसूढ़ों और खुरों के बीच छाले या फफोले पड़ना
- बहुत अधिक लार टपकना
- भूख न लगना
- पशु का सुस्त होना
- खुरों में घाव होना
- दुधारू पशुओं में दूध उत्पादन की कमी होना
-
कैसे होता है रोग का फैलाव
- संक्रमित जानवरों के सीधे संपर्क में आने से
- दूषित चारा, पानी या वातावरण के माध्यम से
- मानव, वाहन और उपकरणाें के माध्यम से