अमरोहा। नौगांवा सादात के जैकेट कारोबार और होली के आइटम को प्रभावित करने वाला कोरोना वायरस अब इबादत के राह में रोड़ा बन गया है। कोरोना वायरस को लेकर सऊदी हुकूमत ने तेरह मार्च तक उमरे पर पाबंदी लगा दी है। इससे जिले के 300 से अधिक मोतमीर (उमरा यात्री) मुश्किल में आ गए हैं। इनको को 27 फरवरी से 13 मार्च के बीच उमरे पर जाना था। दूसरी ओर सऊदी हुकूमत के इस फैसले से ट्रैवल्स संचालकों को आर्थिक क्षति पहुंच रही है।
हजयात्रा के अलावा मुस्लिम समुुदाय के लोग मक्का और मदीना उमरा करने के लिए भी जाते हैं। हजयात्रा के समय को छोड़कर हर महीने अकीदतमंद उमरे पर जाते हैं। जिले से भी बड़ी संख्या में मोतमीर उमरा करने के लिए रवाना होते हैं। इसके लिए शहर से लेकर देहात के इलाकों में ट्रैवल एजेंसी का सहारा लेते हैं। दुनिया में कोरोना वॉयरस के बढ़ते प्रकोप से सऊदी हुकूमत ने विदेेशी मेहमानों के आने पर रोक लगा दी है। इसके चलते तेरह मार्च तक उमरे पर पाबंदी है। ये पाबंदी 27 फरवरी से गली है। इस दौरान जिले से 300 से अधिक लोगों को उमरे पर जाना था। इन लोगों ने खाना-ए-काबा की जियारत के लिए तैयारी कर ली थी, लेकिन ऐन वक्त पर पाबंदी लगने से मायूस हो गए है। ट्रैवल्स एजेंसी संचालक मोहम्मद जुनैद ने बताया कि जिले से अलग-अलग एजेंसियों के जरिए 13 मार्च तक तीन सौ अधिक लोग उमरा के लिए जाने वाले थे। सऊदी हुकूमत की पाबंदी के बाद लोग मायूस हो गए हैं। अब सऊदी हुकूमत के अगले फरमान का इंतजार किया जा रहा है।
हसनपुर क्षेत्र के 22 लोगों ने रद्द की यात्रा
उझारी। सऊदी हुकूमत के उमरा पर 13 मार्च तक पाबंदी लगाए जाने से आजमीन पसोपेश में हैं। हसनपुर तहसील क्षेत्र के बाइस लोगों ने अपनी उमरा यात्रा रद्द कर दी है। हालांकि इन लोगों को 17 मार्च को उमरा पर जाना था। बावजूद इसके अपनी यात्रा रद्द कर दी है।