रहरा में पुलिस चौकी के पास रविवार शाम चार बजे छप्पर के घर में चूल्हे पर कढ़ाई रखकर कचरी भून रहे तीन मासूम बच्चे अचानक आग की लपटों में घिर गए। आग की लपटें देख लोगों में अफरा-तफरा मच गई। चौकी से पुलिस कर्मी भी मौके की ओर दौड़े, लेकिन अंदर जल रहे मासूम बच्चे को बचा न सके। मासूम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका बड़ा भाई व दो पशु बुरी तरह से झुलस गए। झुलसे बच्चे को हायर सेंटर रेफर किया गया है। वहीं मासूम की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है।
आदमपुर थाना इलाके के गांव पौरारा निवासी नीरज सैनी पुत्र जयपाल सैनी करीब दो वर्ष पहले गांव छोड़कर रहरा आया था। नीरज सैनी ने पुलिस चौकी के पास छप्पर का घर बनाया था। दिन भर ठेले पर कचरी बेचकर परिवार का पेट भरता था। रोजाना की तरह रविवार दोपहर को भी नीरज घर पर कढ़ाई में कचरी भूनकर ठेले पर लादकर बेचने निकला था। जबकि उसकी पत्नी पशुओं के लिए चारा लेने गई थी।
बताया जाता है कि इस दौरान घर पर छह वर्षीय बेटी पायल, चार वर्षीय दिव्यांशु व तीन वर्षीय हिमांशु रह गए थे। चार बजे के करीब बच्चे घर में चूल्हे पर कढ़ाई रखकर खाने के लिए कचरी भून रहे थे। इस दौरान अचानक चूल्हे से निकली आग की चिंगारी छप्पर तक पहुं्च गई। देखते ही देखते पूरा घर आग की लपटों में घिर गया। बच्चे रोने लगे और बाहर की ओर भागने का प्रयास करने लगे।
पायल तो वहां से बाहर निकल गई, दिव्यांशु बाहर निकलने के दौरान झुलस गया, लेकिन सबसे छोटा हिमांशु बाहर नहीं निकल सका। बच्चे की चीखें आग की लपटों ने खामोश कर दी। उधर, छप्पर के घर से उठती आग की लपटें देेख पुलिस चौकी से सिपाही मौके की ओर दौड़े। पुलिस कर्मियों ने पशुशाला से पशुओं को बाहर निकाला।
जबतक आग पर काबू पाया जाता, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आग से हिमांशु की जलकर मौत हो गई। जबकि दिव्यांशु व दो मवेशी झुुलस गए। झुलसे बच्चे को निजी चिकित्सक को दिखाया गया, वहां से हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। मासूम की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है।
दिलाई जाएगी सरकारी सहायता
हसनपुर। नायब तहसीलदार देवेंद्र सिंह ने बताया कि रहरा में छप्पर के घर में आग से जलकर मासूम की मौत की जानकारी मिलने पर मौके पर गए थे। आग से घर में सबकुछ जलकर राख हो गया। पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से अर्थिक सहायता कराई जाएगी।