डेंगू के डंक ने चार माह के मासूम समेत दो लोगों की जिंदगी को निगल लिया। महिला ने दिल्ली के एक प्राइवेट अस्पताल में दम तोड़ा, जबकि बच्चे की मौत अमरोहा के अस्पताल में हुई। घटना के बाद से दोनों के परिवार गम में डूबे हैं। गमगीन माहौल में दोनों के शवों को सुपुर्द ए खाक कर दिया गया है।
नगर के मोहल्ला बगला निवासी वजाहत हैदर (4 माह) पुत्र सैय्यद अब्बास गत 20 अक्टूबर को बुखार की चपेट में आया था। जिस पर परिजनों ने उसको अमरोहा के एक निजी अस्पताल में दाखिल किया था। इलाज के बाद भी उसकी तबियत में कोई सुधार नहीं हुआ। बताते हैं कि जांच में उसको डेंगू बुखार निकला। रात उपचार के दौरान उसकी सांसें थम गईं। चूंकि वह मां-बाप का इकलौता बेटा था। डाक्टर के मृत घोषित करते ही परिजनों का रो रोकर हाल बेहाल हो गया।
उधर मोहल्ले की रईस फात्मा (47) पत्नी मोहम्मद हुसैन बीती 18 अक्टूबर से बुखार की गिरफ्त में थी। पहले उसका इलाज अमरोहा के एक निजी अस्पताल में चलता रहा, लेकिन जब उसकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ था तो डाक्टरों ने 24 अक्टूबर को उसे दिल्ली रेफर कर दिया था। वहां एक प्राइवेट अस्पताल में उसका उपचार हो रहा था, मगर रात उसने भी दम तोड़ दिया। जिसके बाद से परिवार गम में डूबा हुआ है। आस पास का माहौल भी गमगीन है।
ढबारसी में बुखार से हो रहीं मौंतों का मंगलवार को बीस दिन से बुखार से पीड़ित महिला ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। गांव ढबारसी निवासी फहीम की पैंतीस वर्षीय पत्नी को करीब बीस दिन से बुखार आ रहा था।
शुरू में ढबारसी के ही डाक्टर से उपचार कराया, उसके बाद हसनपुर के डाक्टरों को आजमाया गया, फायदा नहीं हुआ तो मुरादाबाद के प्राइवेट डाक्टर से उपचार कराया जाने लगा। मंगलवार सुबह को शाइन ने दम तोड़ दिया है। मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। वहीं बुखार से पीड़ित लोगों में दहशत का माहौल है।