विधानसभा चुनाव की नामांकन प्रक्रिया के आखिरी दिन 28 प्रत्याशियों ने पर्चा भर चुनाव में ताल ठोकी है। इसमें प्रमुख दलों में सपा से जगराम, रालोद से महावीर सिंह सैनी ने नामांकन कराया। जिले की चारों विधानसभा सीटों पर कुल 52 प्रत्याशियों ने पर्चा भरा है। तीस जनवरी को नामांकन प्रपत्रों की जांच की जाएगी। एक जनवरी को नाम वापसी होगी। अमरोहा विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मो. हसीन ने भी नामांकन कराया।
विधानसभा चुनाव की बीस जनवरी से नामांकन प्रक्रिया चल रही है। शुक्रवार को नामांकन के आखिरी दिन पर्चा दाखिल करने को लेकर कलेेक्ट्रेट में गहमागहमी का माहौल रहा। शाम तीन बजे से पहले जो प्रत्याशी नामांकन कक्ष में प्रवेश कर गए, उनके सबके पर्चे दाखिल कराए गए। शाम पांच बजे तक कलेक्ट्रेट में नामांकन दाखिल करने का कार्य चला।
धनौरा विधानसभा सीट से शुक्रवार को सिर्फ एक पर्चा दाखिल हुआ। वह सपा प्रत्याशी जगराम सिंह ने दाखिल किया। अमरोहा विधानसभा सीट से नौ प्रत्याशियों ने पर्चा भरा। इसमें कैबिनेट मंत्री महबूब अली के बेटे शाहनवाज अली ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा भरा। इनके अलावा जमा अहसन, खुर्शीद अहमद, धर्मवीर सिंह सैनी, यासिर अब्दुल्ला ने भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा भरा। वहीं किसान शक्ति जे पार्टी से उम्मे अम्मारा ने पर्चा भरा। बहुजन मुक्ति पार्टी से भोले पहलवान, न्यू अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी से शशि ने नामांकन किया।
नौगावां सादात विधानसभा सीट से दस उम्मीदवारों ने नामांकन किया। इसमें राष्ट्रीय महिला जन शक्ति दल से कृष्णपाल, पीस पार्टी से शाहनवाज अली, भारतीय मानवाधिकार पार्टी से ज्ञान सिंह, लोकदल से पवन कुमार, न्यू अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी से उमेश गोला, बहुजन मुक्ति पार्टी चरन सिंह, नेशनल लोकमत से आलम गिरि ने पर्चा भरा। इसके अलावा ब्रह्म सिंह, आमोद कुमार, राशिद ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा भरा।
हसनपुर विधानसभा सीट से आठ प्रत्याशियों ने पर्चा भरा। रालोद से महावीर सिंह सैनी ने पर्चा भरा। वहीं खाद रसद मंत्री कमाल अख्तर की पत्नी हुमैरा अख्तर ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा भरा। राष्ट्रीय जनहित संघर्ष पार्टी से लीला देवी, अपना देश पार्टी से इंद्रजीत, एआईआईएम से नौशाद अली ने पर्चा भरा। वहीं कहकशा, राजेंद्र सिंह, विजयपाल ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा भरा। चारों विधानसभा सीट से 52 प्रत्याशी मैदान में उतरे हैं। नामांकन के आखिरी दिन कलेक्ट्रेट में सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद रही।