डिडौली कोतवाली क्षेत्र के सलामतपुर गांव निवासी दिलशाद अली ने गांव के ही महेंद्र सिंह के साथ बोरिंग मशीन बनवाई थी। दोनों की मुलाकात राजस्थान के अलवर निवासी रिंकू सिंह से हुई। रिंकू ने 3.30 लाख रुपये में बोरिंग मशीन और 1.49 लाख में लाइन तय हुई थी। जिसके बाद दिलशाद अली व महेंद्र सिंह ने रिंकू सिंह और उसके पिता गुरदीप सिंह से बात करके उनके खाते में 4.79 लाख रुपये डलवा दिए। दिलशाद व महेंद्र ने मशीन मांगी तो गुरदीप सिंह ने तीन महीने बाद देने की बात कही थी। लेकिन, पिता-पुत्र ने कारोबार में नुकसान होने की बात बताकर मशीन देने से इनकार कर दिया।
कई बार तकादा करने पर गुरदीप सिंह ने दो लाख रुपये वापस कर दिए। लेकिन, बकाया 2.79 लाख रुपये देने के लिए टालमटोल करने लगे। पीड़ितों ने मामले की शिकायत पुलिस से की तो कोई कार्रवाई नहीं हुई। लिहाजा उन्होंने कोर्ट की शरण ली। सीओ सिटी अरुण कुमार ने बताया कि मामले में सीजेएम के आदेश पर रिंकू सिंह और उसके पिता गुरदीप सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
मेरठ--------सेंट जॉन्स स्कूल में हुआ क्रिसमस कार्यक्रम- फोटो : संवाद
मेरठ--------सेंट जॉन्स स्कूल में हुआ क्रिसमस कार्यक्रम- फोटो : संवाद