अमरोहा। यात्रियों को धूप, बारिश और सर्दी से बचाने के लिए जिले में तीन साल के भीतर 35 यात्री शेडों के निर्माण पर विधायकों की निधि से 2.62 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए, लेकिन रखरखाव के अभाव में ये सुविधाएं अब बर्बादी की कहानी बयां कर रही हैं। कहीं शेड टिन की छत क्षतिग्रस्त है तो कहीं बैठने के लिए बनाई गईं बेंच टूट चुकी हैं। कई शेड घास और झाड़ियों से घिर गए हैं। ऐसे में यात्रियों को राहत देने के लिए खर्च की गई करोड़ों रुपये की धनराशि यात्री शेडों के साथ गलती दिख रही है।
एमएलए लैंड्स यूपी पोर्टल से लिए गए आंकड़ों के अनुसार, मंडी धनौरा विधानसभा क्षेत्र में 27, हसनपुर में पांच और अमरोहा में तीन यात्री शेड बनाए गए। प्रत्येक पर करीब 7.5 से आठ लाख रुपये खर्च हुए। निर्माण के बाद देखरेख नहीं होने से सार्वजनिक संपत्ति बदहाल हो रही है।
अमरोहा-नौगावां मार्ग पर यात्री शेड घास और झाड़ियों से घिरा है, जबकि बिजनौर मार्ग पर कताई मिल के पास बना शेड जर्जर हो चुका है। कैलसा में यात्री शेड पर ऑटो चालकों ने कब्जा कर लिया है और इसका इस्तेमाल अस्थायी ऑटो स्टैंड के रूप में हो रहा है। अमरोहा-बंबूगढ़ बाईपास से संभल मार्ग पर बना शेड भी झाड़ियों में दबा है।
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गजरौला में कूड़े के ढेर से उठती दुर्गंध
गजरौला क्षेत्र के गांव सलेमपुर गौसाईं में सड़क किनारे बना यात्री शेड भी उपेक्षा का शिकार है। शेड के पास स्थानीय लोगों द्वारा कूड़ा डाल दिया जाता है, जिससे उठने वाली दुर्गंध यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। सोमवार को यात्री शेड के बराबर कूड़े और राख का ढेर पड़ा मिला, जिससे प्रतीत हो रहा था कि वहां कूड़े में आग भी लगाई गई थी।
हसनपुर में हादसों को न्योता दे रहे जर्जर शेड
हसनपुर क्षेत्र के रहरा मार्ग स्थित डगरौली और शाहपुर कला गांवों में बने यात्री शेड भी बदहाल हैं। डगरौली के शेड की टिन की छत पूरी तरह गायब हो चुकी है, जबकि बैठने के लिए लगाई गई सीटें टूट चुकी हैं। शाहपुर कला का यात्री शेड भी जर्जर हालत में है। गर्मी, बरसात और सर्दी में यात्रियों को सड़क किनारे खड़े होकर वाहनों का इंतजार करना पड़ता है।
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धनौरा में जर्जर पोल और गल चुकी टिन बने खतरा
मंडी धनौरा तहसील कार्यालय के बाहर बने दो यात्री शेड भी खराब स्थिति में हैं। तहसील गेट के पास स्थित एक शेड के लोहे के पोल जर्जर हो चुके हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं ब्लॉक कार्यालय के समीप बने दूसरे शेड की टिन गलने लगी है। ग्राम शाहपुर के पास बने यात्री शेड के चारों ओर झाड़ियां उग आई हैं। सफाई नहीं होने के कारण वहां सांप और अन्य जीव-जंतुओं का खतरा भी बना रहता है।
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यात्री शेड विधायक निधि बनवाए जाते हैं। इनके रखरखाव की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्थाओं की होती है। हालांकि नियमानुसार इनकी मरम्मत की व्यवस्था है।
-अंबरीश कुमार, पीडी