खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग द्वारा समय-समय पर अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे जाते हैं। जांच में नमूनों के अधोमानक अथवा मिलावट पाए जाने पर विभाग की और से कार्रवाई करते हुए एडीएम कोर्ट में वाद दायर कराया जाता है। जहां सुनवाई के बाद जुर्माने की कार्रवाई की जाती है। ऐसे ही पुराने 11 मामलों में कोर्ट ने 2.40 लाख रुपये जुर्माना लगाए जाने की कार्रवाई की है।
डिडौली के श्यामपुर निवासी ब्रजपाल सिंह के पनीर का नमूना अधोमानक पाए जाने पर 50 हजार रुपये, मुनीर ट्रेडर्स के फैट का नमूना अधोमानक मिलने पर फर्म मानव फूड प्रोडक्ट्स हापुड़ दोनों पर 10 हजार रुपये, हसनपुर के राजकुमार का काजू का नमूना अधोमानक पाए जाने पर 30 हजार रुपये, अमरोहा के मोहम्मद आलम व नसीम आजम का धनिया पाउडर का नमूना अधोमानक मिलने पर 10-10 हजार रुपये, धनौरा के पीपली कला निवासी मुसाहिद के भैंस के दूध का नमूना अधोमानक पाए जाने पर 10 हजार का जुर्माना लगाया।
इसके अलावा पतेई खालसा निवासी इब्ने हसन की बर्फी की नमूना फेल होने पर 10 हजार रुपये, अतरासी कला के महताब का खोया का नमूना अधोमानक मिलने पर 30 हजार रुपये, चौधरपुर निवासी अजीम का दूध का नमूना अधोमानक मिलने पर 35 हजार रुपये, सैदनंगली निवासी अर्जुन का खोया का नमूना अधोमानक मिलने पर 10 हजार रुपये, डिडौली के श्यामपुर निवासी ब्रजपाल सिंह का दूध का नमूना अधोमानक पाए जाने पर 35 हजार रुपये के जुर्माने की कार्रवाई एडीएम वित्त व राजस्व ब्रजेश कुमार त्रिपाठी की कोर्ट द्वारा गई है।