अपहरण कर किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत ने दोषी को 20 साल की सजा सुनाई है। साथ ही एक लाख सात हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने जुर्माना की आधी धनराशि पीड़िता को सौंपने के निर्देश दिए हैं। आरोपी जमानत पर बाहर था, कोर्ट का फैसला आने के बाद उसे कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया है। जबकि वारदात में शामिल एक नाबालिग आरोपी की पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड में विचाराधीन चल रही है।
यह घटना आदमपुर थानाक्षेत्र के एक गांव में 27 अगस्त 2014 की रात हुई थी। यहां पर किसान का परिवार रहता है। गांव के रहने वाले युवक देवेंद्र नागपाल ने अपने साथी के साथ मिलकर किसान की 14 वर्षीय बेटी का अपहरण कर लिया था। इस मामले में किशोरी के भाई ने 29 अगस्त को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने 30 अगस्त को किशोरी को बरामद कर लिया था। इस दौरान पीड़िता ने दोनों आरोपियों पर सामूहिक दुष्कर्म करने आरोप लगाया था। लिहाजा पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
न्यायालय ने कार्रवाई के दौरान एक आरोपी नाबालिग पाया गया, इसलिए उसकी पत्रावाली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई थी। जबकि आरोपी देवेंद्र नागपाल का मुकदमा अपर जिला एंव सत्र न्यायाधीश विशेष (पॉक्सो एक्ट प्रथम) अवधेश कुमार सिंह की अदालत में विचाराधीन था। बुधवार को अदालत ने मुकदमें में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट बसंत सिंह सैनी ने आरोपी को सजा दिए जाने के लिए जोरदार पैरवी की। न्यायालय ने साक्ष्य और सबूतों के आधार पर आरोपी देवेंद्र नागपाल को दोषी करार दिया और 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर एक लाख सात हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।