जिले में बड़े स्तर पर गन्ने की खेती की जाती है। यहां करीब 1.70 लाख किसान एक लाख हेक्टेयर से अधिक जमीन पर गन्ने की खेती करते हैं। गन्ने की फसल के लिए गन्ने सर्वेक्षण नीति जारी होने के बाद एक मई से जीपीएस आधारित गन्ना सर्वेक्षण कार्य शुरू हो गया है।
सर्वे के लिए 193 टीम काम कर रही हैं। हर टीम में तीन-तीन सदस्य लगाए गए हैं, जो गांव-गांव जाकर सर्वेक्षण कार्य करेंगी। जिस गांव में टीम जाएंगी वहां के किसानों को तीन दिन पहले विभाग में पंजीकृत मोबाइल फोन पर एसएमएस के जरिए आने की सूचना देंगी।
डीसीओ ने बताया कि किसानों को अपने बोए गन्ने के क्षेत्रफल के संबंध में विभागीय बेवसाइट पर घोषणा पत्र भी उपलब्ध कराने होंगे। डीसीओ ने बताया कि घोषणा पत्र नहीं दिया तो संबंधित किसान का गन्ना सट्टा बंद भी हो सकता है। किसान सर्वे टीम से स्लीप अवश्य प्राप्त करें। जिससे कि बाद किसी तरह की कोई परेशानी न हो। डीसीओ ने मनोज कुमार ने बताया कि समय-समय पर अधिकारियों द्वारा भी गन्ना सर्वे का निरीक्षण किया जा रहा है।