बीते कई दिन से गंगा का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश के चलते बढ़ रहे जल स्तर से खादर के गांवों में बाढ़ आ गई है। टापू में बसे दारानगर, शीशों वाली, टीकों वाली, जाटों वाली, भुड्डी वाली आदि गांवों के खेत बाढ़ के पानी से लबालब हो गए हैं। इसके अलावा अलीनगर, चकनवाला, मुरादपुर, तिगरी, पपसरा खादर, ओसीता जगदेवपुर, कांकाठेर के ग्रामीणों के खेतों में खड़ी फसलें दोबारा जल मग्न हो गईं। खेतों में बाढ़ का पानी दोबारा पानी भरने से फसलों के खराब होने की आशंका पैदा हो गई है। जो फसल बीते दिनों आई बाढ़ से किसी तरह बच गई थीं, उनके नष्ट होने का खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पहली बाढ़ में तो फसल झेल गईं, लेकिन इस बार कई दिन तक पानी भरा रहा तो बड़ा नुकसान होगा। बाढ़ खंड के जेई सुभाष चंद्र गहलौत का कहना है कि जल स्तर बढ़ने से तिगरी में गंगा खतरे के निशान से 1.10 मीटर दूर रह गई है।