डिडौली (अमरोहा)। प्लाॅटिंग के नाम पर ठेकेदार से 1.22 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई। बाद में मूल रकम और मुनाफा देने से इन्कार कर दिया। मामले में न्यायालय के आदेश पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
डिडौली कोतवाली क्षेत्र के कालाखेड़ा उर्फ कलालखेड़ा में जाने आलम सरकारी कार्यों की ठेकेदारी करते हैं। उन्होंने दर्ज कराई प्राथमिकी के मुताबिक 2018 में जोई के रहने वाले मोहम्मद हसनैन ने अमरोहा-जोया सड़क स्थित पुलिस लाइन के सामने करीब दस बीघा जमीन पर प्लाॅटिंग करने का प्रस्ताव दिया था। साझेदारी में निवेश की बात तय होने के बाद जाने आलम ने अलग-अलग तिथियों पर साल 2018 से 2022 के बीच अपने बैंक खाते से एनईएफटी और आरटीजीएस के माध्यम से कुल 1.07 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद मोहम्मद हसनैन ने अतिरिक्त निवेश के नाम पर 15 लाख रुपये और मांगे। लिहाजा, जाने आलम ने वर्ष 2024 में 11 लाख रुपये नकद और चार लाख रुपये बैंक के जरिये मोहम्मद हसनैन के खाते में ट्रांसफर कर दिए। इस तरह जाने आलम के 1 करोड़ 22 लाख 25 हजार रुपये मोहम्मद हसनैन पर पहुंच गए।
जाने आलम का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी मूल रकम और मुनाफे की मांग की तो मोहम्मद हसनैन ने देने से साफ इन्कार कर दिया। इतना ही नहीं रुपये मांगने पर जान से मारने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी। पीड़ित जाने आलम ने इस मामले की शिकायत पुलिस से की तो कोई सुनवाई नहीं हुई। लिहाजा, उन्होंने कोर्ट की शरण ली। सीओ सिटी अभिषेक यादव ने बताया कि मामले में एसीजेएस द्वितीय के आदेश पर मोहम्मद हसनैन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।