अमरोहा। किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने सोमवार को दो दोस्तों को सजा सुनाई है। इसमें अपहरण करने वाले दोषी को पांच और दुष्कर्म के दोषी को बारह साल की सजा सुनाई है। दोनों पर 36 हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया है। दुष्कर्म का आरोपी जेल में बंद था, जबकि जमानत पर बाहर अपहरण के आरोपी को कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया है।
यह घटना सैदनगली थानाक्षेत्र के एक गांव की है। यहां पर किसान का परिवार रहता है। 26 मार्च 2016 की रात गांव का ही रहने वाला नरेंद्र किसान की 15 वर्षीय बेटी का अपहरण कर अपनी बहन के घर गजरौला ले गया था। यहां उसने किशोरी को जनपद हापुड़ के निजामपुर निवासी अपने दोस्त देवेंद्र को सौंप दिया था। देवेंद्र किशोरी को लेकर पिलखुवा पहुंचा और यहां उसके साथ दुष्कर्म किया था। पीड़िता के परिजनों की तहरीर पर सैदनगली की पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर किशोरी को बरामद कर लिया था। बाद में दोनों दोस्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने दोनों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष (पॉक्सो) प्रथम अवधेश कुमार सिंह की अदालत में विचाराधीन था। सोमवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट बसंत सिंह सैनी ने पैरवी की। आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिए जाने की मांग की गई। साक्ष्य और सबूतों के आधार पर न्यायालय ने नरेंद्र और देवेंद्र को दोषी करार दिया। दोषी नरेंद्र को अपहरण में पांच साल की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। इसके अलावा दोषी देवेंद्र को दुष्कर्म व पोक्सों एक्ट में 12 साल के कठोर कारावास की सजा और 26 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। घटना में बाद से देवेंद्र जेल में बंद है। जबकि नरेंद्र जमानत पर बाहर था, दोष सिद्ध होने के बाद उसे भी कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया है।