अमरोहा। किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने दोषी को दस साज की सजा सुनाई है। साथ ही 18 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आरोपी जमानत पर जेल से बाहर था, दोष सिद्ध होने पर कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया है।
यह घटना गजरौला थानाक्षेत्र के एक गांव की है। यहां रहने वाला मजदूर गजरौला के एक पानी के प्लांट में काम करता है। 17 मार्च 2014 को की रात वह ड्यूटी करने के लिए गए थे। इस दौरान गांव का सुखवीर सिंह घर से उसकी नाबालिग बेटी का अपहरण कर ले गया था। 18 मार्च को पिता घर लौटा तो घटना की जानकारी हुई थी। उन्होंने थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने आरोपी सुखवीर सिंह के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर किशोरी को बरामद कर लिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। किशोरी के बयानों के आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म की धारा बढ़ाकर पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। बाद में आरोपी सुखवीर सिंह जमानत पर जेल से बाहर आ गया था। यह मुकदमा विशेष सत्र न्यायाधीश/पोक्सो एक्ट प्रथम अवधेश कुमार सिंह की अदालत में विचाराधीन चल रहा था। सोमवार को आदलत ने मामले में सुनवाई की। साक्ष्य और सबूतों के आधार पर अदालत ने सुखवीर सिंह को दोषी करार दिया। अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष लोक अभियोजक बसंत सिंह सैनी ने जोरदार पैरवी की और दोषी को सख्त सजा देने की मांग की। लिहाजा न्यायालय ने सुखवीर सिंह को 10 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 18 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।