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कक्षा दस की छात्रा के अपहरण और दुष्कर्म में दोषी को 10 साल की सजा

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अमरोहा। कक्षा दस की छात्रा का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत ने दोषी को दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 58 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने जुर्माना की आधी धनराशि पीड़िता को सौंपने के निर्देश दिए हैं। आरोपी जमानत पर बाहर था, कोर्ट का फैसला आने के बाद उसे कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया है।
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यह घटना आदमपुर थानाक्षेत्र एक गांव में हुई थी। यहां पर किसान का परिवार रहता है। 11 जून 2014 की शाम किसान की नाबालिग बेटी शौच के लिए जंगल गई थी। वह कक्षा दस की छात्रा थी। तभी एक युवक देवकरन उर्फ देवा छात्रा को बहला-फुसलाकर अपहरण कर ले गया। परिजनों ने छात्रा को काफी तलाश किया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। चश्मदीद ने देवकरन उर्फ देवा पर अपहरण कर ले जाने की बात बताई थी। छात्रा के पिता ने आरोपी देवकरन उर्फ देवा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने 12 जून को आरोपी को गिरफ्तार कर छात्रा को बरामद कर लिया था। इस दौरान छात्रा ने आरोपी देवकरन पर डरा-धमकाकर दुष्कर्म करने आरोप लगाया था। बाद में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने मुकदमे में दुष्कर्म की धाराओं की बढ़ोतरी की और न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। वर्तमान में आरोपी जमानत पर जेल से बाहर था।
यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष (पॉक्सो एक्ट प्रथम) अवधेश कुमार सिंह की अदालत में विचाराधीन था। गुरूवार को अदालत ने मुकदमे में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट बसंत सिंह सैनी ने जोरदार पैरवी की। न्यायालय ने साक्ष्य और सबूतों के आधार पर आरोपी देवकरन उर्फ देवा को दोषी करार दिया और 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 58 रुपये का जुर्माना लगाया है।
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