शीर्षस्थ नेता लाल कृष्ण आडवाणी की नाराजगी के बीच भाजपा मिशन 2014 में फतह के लिए हर चर्चित चेहरे पर दांव लगाने की जुगत में है।
नरेंद्र मोदी के पैगाम संग बुधवार को अमित शाह बाबरी मस्जिद विध्वंस के हीरो कहलाने वाले कल्याण सिंह से मिलेंगे। दोनों आपरेशन वेस्ट यूपी के लिए मंथन करेंगे।
मेरठ, अलीगढ़, सहारनपुर, मुरादाबाद मंडल की लोकसभा सीट को खास ध्यान रहेगा। दरअसल, कल्याण सिंह को यूपी में खास तवज्जो देने का कारण हिंदुवादी चेहरे को भुनाना है।
खुद कल्याण सिंह का कहना है कि आने वाला कल भाजपा का है। कांग्रेस का पतन तय है। जनता राष्ट्रवाद के लिए एकजुट होगी।
हर पार्टी जानती है कि दिल्ली का रास्ता वाया यूपी आसान है। नरेंद्र मोदी भाजपा प्रचार समिति के अध्यक्ष बनकर यूपी पर खास ध्यान देने के लिए अपने संदेश के साथ अमित शाह को बुधवार को लखनऊ भेज रहे हैं।
वह कल्याण सिंह से मिलकर जिताऊ और वीआईपी कही जाने वाली सीट पर चर्चा करेंगे। उसमें बुलंदशहर लोकसभा सीट भी शामिल है। यहां कल्याण सिंह एमपी रहे।
केंद्रीय मंत्री अशोक प्रधान और डा. छत्रपाल भी एमपी रहे। कल्याण सिंह की कर्मभूमि अलीगढ़ और बुलंदशहर दोनों है। यहां पर बिना कल्याण की मर्जी के भाजपा में कुछ नहीं होता था।
भाजपा से बाहर जाने की वजह भी कल्याण की मर्जी के खिलाफ अशोक प्रधान को टिकट दिया जाना ही था। अब भी कल्याण सिंह पूरी तरह भाजपा में शामिल नहीं है, लेकिन उन्होंने यहां से अपनी पसंद के प्रत्याशी के नाम का एक तरह से ऐलान कर दिया है।
बकौल कल्याण सिंह जिस दिन भाजपा की सूची जारी होगी, इस नाम पर मुहर लग जाएगी।
दरअसल कल्याण सिंह और अमित शाह दोनों का चेहरा हिंदुवादी है। मोदी के आने से हिंदुवादी कार्ड जमकर खेला जाएगा। इसे हवा देने के लिए अमित शाह पूर्व सीएम कल्याण सिंह के साथ यूपी में भाजपा की नैया पार लगाने की तैयारी में हैं।
कल्याण सिंह अमित शाह से बैठक करने के बाद वेस्ट यूपी का दौरा करने के लिए जल्द बुलंदशहर आएंगे।
'भाजपा की चुनावी अभियान शुरू हो गया है। केंद्र की महंगाई और भ्रष्टाचार से आजिज जनता के सामने भाजपा ही विकल्प है। बुधवार को रणनीति बनेगी। बुलंदशहर समेत सभी सीटों पर चर्चा होगी।' - कल्याण सिंह, पूर्व सीएम