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अंडरपास निर्माण को लेकर प्रदर्शन पर उतरे ग्रामीण

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15 : अमेठी : अंडरपास की मांग को लेकर मतदान बहिष्कार का एलान कर प्रदर्शन करते ग्रामीण। -संवाद - फोटो : AMETHI
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अमेठी। लखनऊ-वाराणसी रेल खंड स्थित अमेठी रेलवे स्टेशन के पूर्वी छोर पर स्थित बिराहिमपुर गांव के सामने स्वीकृत अंडरपास निर्माण को लेकर दर्जनों गांवों के करीब 300 से अधिक ग्रामीण शनिवार को प्रदर्शन पर उतर आए। संघर्ष समिति के बैनर तले लोग विधानसभा चुनाव बहिष्कार का बैनर लगाकर चुनाव बहिष्कार कर रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे नायब तहसीलदार को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इस दौरान स्थानीय पुलिस के साथ ही रेलवे पुलिस भी मौजूद रही।
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अंडरपास संघर्ष समिति के बैनर तले शनिवार को स्वीकृत अंडरपास वाले स्थल पर पहुंचकर क्षेत्र के गांव बिराहिमपुर, चचकापुर, रायदेपुर, गंगौली, विशेषरगंज, बनकटवा, सूबेदारपुर, ज्ञानचंद्रपुर, महसो, भुसहरी, पातीपुर, पांडेयपुर, बेलखरी, सोईया, मटेरा, गोरखापुर व रेभा के ग्रामीणों ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार श्रीश कुमार मिश्र, प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार सिंह व रेलवे पुलिस मौके पर पहुंच गई।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि लखनऊ-वाराणसी रेल खंड के अमेठी रेलवे स्टेशन के पूर्वी छोर स्थित बिराहिमपुर-चचकापुर गांव के सामने यूपीए सरकार में वर्ष 2013 में अंडरपास निर्माण हेतु बोर्ड लगाया गया था। नौ वर्ष बीतने के बाद भी अब तक अंडर पास का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। जबकि अंडरपास निर्माण कराए जाने को लेकर करीब एक दशक से लगातार रेलवे लाइन के दक्षिणी छोर के ग्रामीण आंदोलनरत हैं।
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यूपीए सरकार बदलने के बाद एनडीए की दूसरी सरकार का भी कार्यकाल बीत रहा है लेकिन अभी तक किसी जनप्रतिनिधि व संबंधित उच्चाधिकारी द्वारा कोई ठोस कदम उठाया नहीं गया। ऐसे में तीन लाख से अधिक की आबादी आवागमन संबंधी समस्याओं से जूझ रही है। शहर स्थित विद्यालयों में आने वाले स्कूली बच्चों के साथ ही अन्य बाइक एवं साइकिल सवार अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करते हैं। कई बार बड़ी दुर्घटना होने से भी बची है।
ग्रामीणों ने रेलवे ट्रैक नहीं बनने पर अपनी ग्राम पंचायतों में विधानसभा चुनाव बहिष्कार का बैनर लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक अंडरपास का निर्माण नहीं होगा उनका चुनाव बहिष्कार का आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि रेलवे ट्रैक का दोहरीकरण हो गया है। बावजूद इसके अंडरपास निर्माण की कोई कवायद नहीं शुरू हुई। जिसके चलते विधानसभा चुनाव का बहिष्कार सभी ग्राम पंचायतों द्वारा सामूहिक रूप से किया जा रहा है। ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से अंडरपास का शीघ्र निर्माण कार्य शुरू कराए जाने की मांग उठाई गई।
तीन लाख की आबादी परेशान
ग्रामीण गिरीश चंद्र मिश्र ने कहा कि 30 वर्षों से करीब तीन लाख की जनता आवागमन की समस्या से जूझ रही है। फिर भी जनप्रतिनिधि एवं उच्चाधिकारी उदासीन बने हुए हैं। समस्या का निस्तारण नहीं हुआ तो हम लोग विरोध प्रदर्शन करते रहेंगे।
जरूरी है अंडरपास निर्माण
ग्रामीण मुमताज खान ने कहा कि स्कूली बच्चे रेलवे ट्रैक से साइकिल नहीं पार करा पाते। ऐसे में वे लाइन किनारे साइकिल खड़ी कर स्कूल व अपने कार्य के लिए जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार कर पैदल जाते हैं। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसलिए अंडरपास का निर्माण बहुत जरूरी है।
30 वर्ष से कर रहे मांग
प्रमोद मिश्र ने कहा कि कई ग्राम पंचायत के लोग पिछलेे 30 वर्षों से मांग करते चले आ रहे हैं। इस बार अंडर पास की मांग को लेकर हम लोग विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। किसी भी अफसर व नेता के झूठे वादों के फेर में नहीं पड़ेेंगे।
फाटक नहीं तो वोट नहीं
शब्बीर खान ने कहा कि फाटक नहीं तो वोट नहीं। अभी तक हम लोग आश्वासन के भरोसे थे लेकिन अब आरपार की लड़ाई विधानसभा चुनाव बहिष्कार के माध्यम से करेंगे। कहा कि अब तक नेता व अफसर जनता को झूठा वादा देकर भरमाते रहे हैं।
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