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ग्राम प्रधान की गोली मारकर हत्या

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04 : मुसाफिरखाना : निजामुद्दीनपुर गांव मेें प्रधान की मौत के बाद रोते-बिलखते परिजन। -संवाद - फोटो : AMETHI
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मुसाफिरखाना (अमेठी)। स्थानीय थाना क्षेत्र के निजामुद्दीनपुर गांव में शुक्रवार रात घर के बरामदे में सो रहे ग्राम प्रधान के सिर व सीने में गोली मारकर हत्या कर दी गई। सूचना मिलते ही स्थानीय थाने के साथ अफसर भी गांव पहुंच गए। ऐहतियातन गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। बेटे की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस हत्यारों की छानबीन में जुट गई है। प्रधान की मौत के बाद से कोहराम मचा है।
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गांव निवासी गुरु शरण यादव (56) निजामुद्दीनपुर के ग्राम प्रधान थे। वह रोज की तरह शुक्रवार रात भोजन करने के बाद रात में घर के बरामदे में सो रहे थे। रात करीब 12 बजे पहुंचे अज्ञात लोगों ने प्रधान के सिर में तथा सीने पर गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर पत्नी केवला घर से निकली तो वह खून से लथपथ पड़े थे। इसी समय छत पर सो रहा प्रधान का पुत्र गिरेंद्र भी पहुंच गया। जब तक परिवार के लोग एकत्र होते उनकी मौत हो चुकी थी।
घटना से परिवारीजन में कोहराम मच गया। उधर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के साथ एएसपी विनोद कुमार पांडेय और सीओ मनोज कुमार भी मौके पर पहुंच गए। एएसपी ने पूरे प्रकरण की जानकारी लेने के बाद रात में ही गांव में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात करा दिया। पुलिस ने प्रधान के बड़े पुत्र सत्येंद्र की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। प्रधान की मौत से जहां परिवारीजन में कोहराम मचा है वहीं पूरे गांव में सन्नाटा पसरा है।
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किसी से नहीं थी रंजिश
मृतक प्रधान के पुत्र सत्येंद्र के अनुसार उनके पिता व उनकी किसी से कोई ऐसी रंजिश नहीं थी कि मामला हत्या तक पहुंच जाए। सत्येंद्र ने गांव के कुछ लोगों से जमीनी विवाद की बात कही है। कहा कि पिता को गोली मारते समय किसी को देखा नहीं गया इसलिए अज्ञात में तहरीर दी गई है।
प्रधान संघ ने की जल्द गिरफ्तारी की मांग
प्रधान गुरुशरण यादव वर्ष 2021 के प्रधान संघ के चुनाव में भी शामिल हुए थे। उन्हें सर्व सम्मति से प्रधान संघ के संरक्षक की जिम्मेदारी दी गई थी। प्रधान संघ अध्यक्ष अमरेश प्रताप सिंह ने घटना की निंदा करते हुए आरोपियों को जल्द से जल्द पकडे़ जाने मांग की है। मौत की सूचना मिलते ही अध्यक्ष के अलावा प्रधान जीत बहादुर यादव, रमेश ओझा, धर्मवीर सिंह व संजय सिंह आदि उनके घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को ढांढस बधाया।
आश्वासन पर हटा जाम
मृतक ग्राम प्रधान के शव का पोस्टमॉर्टम होने के बाद परिवारीजन शव को घर ले जाने के बजाए पारा-मुसाफिरखाना मार्ग पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिवारीजन हत्यारों की तीन दिन में गिरफ्तारी, दस लाख रुपये मुआवजा, परिजनों की सुरक्षा तथा दो असलहों का लाइसेंस देने की मांग करने लगे। सूचना पर पहुंचे एसडीएम राकेश कुमार व सीओ मनोज कुमार ने समझाने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी। अफसरों की सूचना पर एडीएम सुशील प्रताप सिंह तथा एएसपी विनोद कुमार पांडेय पहुंचे और परिवार वालों की सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शन कर रहे परिजन शांत हुए और शव का अंतिम संस्कार किया। इस दौरान करीब डेढ़ घंटे तक उक्त मार्ग का आवागमन प्रभावित रहा।
लगाई गई तीन टीमें : एसपी
एसपी दिनेश सिंह ने बताया कि ग्राम प्रधान की हत्या का खुलासा करने के लिए एसओजी समेत तीन टीमें गठित की गई हैं। एएसपी विनोद कुमार पांडेय व सीओ मनोज कुमार टीमों का पर्यवेक्षण कर रहे हैं। हत्या में शामिल आरोपियों तक पहुंचने के लिए सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है।
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