अमेठी। कार्यालय में वाहन संबद्ध करने के एवज में रिश्वत लेते जिला प्रवोशन अधिकारी का एक वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। वायरल वीडियो कई माह पुराना बताया जा रहा है। वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए डीएम ने एडीएम न्यायिक को जांच सौंपी है।
अमेठी के गायत्रीनगर मोहल्ला निवासी रवी प्रताप सिंह का जिला प्रवोशन अधिकारी अजय पाल सिंह को दस हजार रुपये देने का एक वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। रिश्वत लेने वाले वीडियो के बाद रवी प्रताप सिंह ने दूसरा वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया। पहले वीडियो में प्रवोशन अधिकारी की संक्षिप्त बातचीत और पैसे का लेनदेन है। दूसरे वीडियो में प्रवोशन अधिकारी पर कार्यालय में वाहन संबद्ध करने के एवज में रिश्वत मांगने की बात कही है।
रवी प्रताप ने वीडियो में अपने वाहन को कार्यालय में वर्ष 2019 से संबद्ध होने की बात कहते हुए दोबारा वाहन संबद्ध कराने के लिए प्रवोशन अधिकारी पर बाबू को खुश करने तथा पहले 25 और फिर दो बार में 20-20 और अंत में 10 हजार रुपये की बात फाइनल होने तथा प्रदेश सरकार की छवि खराब करने वाले अधिकारियों को उजागार करने के लिए वायरल करने की बात कही है। वीडियो वायरल होने के बाद प्रभारी मंत्री मोहिसन रजा ने डीएम अरुण कुमार को पूरे प्रकरण की जांच कर कार्रवाई को कहा है। डीएम ने बताया कि एडीएम न्यायिक सुधीर रूंगटा को जांच अधिकारी नामित कर रिपोर्ट तलब की है। डीएम ने बताया कि जांच में रिश्वत की पुष्टि होने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
रिश्वत का पैसा नहीं : डीपीओ
जिला प्रवोशन अधिकारी ने बताया कि रवीउन्हें जो पैसा दे रहे हैं वह उन्होंने उनसे डीजल व भाई के इलाज के नाम पर उधार लिया था। वायल वीडियो उधार लिए गए पैसे को वापस करते समय का है। बताया कि रवी वाहन संबद्ध नियमों का पालन नहीं करने के साथ ही अधिक किराए की मांग कर रहे थे जिसके कारण उनके वाहन को संबद्ध नहीं किया गया है। ऐसे में कार्यालय में वाहन संबद्ध करने के लिए दवाब बनाने के लिए फर्जी आरोप लगाते हुए वीडियो वायरल कर रहे हैं।