गौरीगंज (अमेठी)। जिले के सिंहपुर व बाजार शुकुल ब्लॉक के अलग-अलग प्राथमिक स्कूलों में तैनात दो शिक्षक फर्जी अभिलेख के लपेटे में हैं। आरोप है कि दोनों शिक्षकों ने जिन शैक्षिक अभिलेखों के आधार पर नौकरी हासिल की उनमें से कुछ फर्जी हैं। दोनों से जुड़ी शिकायतें मिलने के बाद जहां उनके अभिलेखों का दोबारा सत्यापन कराया जा रहा है वहीं उनका वेतन भी रोक दिया गया है।
जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी अभिलेखों के आधार पर नौकरी का प्रचलन पुराना है। फर्जी अभिलेखों के आधार पर नौकरी करने वाले दर्जनों अध्यापक नौकरी पूरी कर सेवानिवृत्त हो चुके हैं तो कई दर्जन शिक्षक (कोई शिकायत नहीं होने पर इनकी जांच नहीं हो रही) अब भी अलग-अलग स्कूलों में अपनी सेवा दे रहे हैं।
हालांकि बेसिक शिक्षा विभाग के पुष्ट आंकड़ों पर बात करें तो मौजूदा समय महज दो शिक्षक ही ऐसे हैं जिनके शैक्षिक अभिलेख फर्जी होने का संदेह है। जिन शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेख फर्जी होने का संदेह है उनमें से सुशील कुमार व्यास की तैनाती सिंहपुर तो अंकित गोस्वामी बाजार शुकुल में तैनात हैं। सुशील कुमार व्यास की तैनाती अमेठी जिले का गठन (12 वर्ष) होने से पूर्व की है तो अंकित वर्ष 2016 की 16,448 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में चयनित होने के बाद सहायक अध्यापक बने थे।
दोनों लोगों के खिलाफ मिली शिकायतों के अनुसार सुशील की बीएड की डिग्री को फर्जी बताया गया है तो अंकित पर आरोप है कि उसने दूसरे के नाम के शैक्षिक अभिलेखों को आवेदन के साथ लगाकर नौकरी हथिया ली। फिलहाल बेसिक शिक्षा विभाग दोनों शिक्षकों का वेतन रोककर उनके शैक्षिक अभिलेखों का पुनर्सत्यापन करा रहा है। बीएसए डॉ. अरविंद कुमार पाठक ने कहा कि पुनर्सत्यापन में अभिलेख फर्जी मिलने के बाद दोनों शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सात साल में बर्खास्त हुए 28 शिक्षक
सुल्तानपुर जिले की अमेठी, गौरीगंज व मुसाफिरखाना तथा रायबरेली जिले की तिलोई तहसील को काटकर अमेठी जिले का गठन हुए महज 12 साल हुए हैं। इस कम अवधि के अंदर जिले में फर्जी अभिलेखों पर नौकरी हथियाने व लंबे समय तक करने के कई मामले सामने आ चुके हैं। आलम यह है कि पिछले सात साल में जिले में फर्जी अभिलेख के आधार पर नौकरी करने की पुष्टि होने के बाद 28 शिक्षक सेवा से बर्खास्त किए जा चुके हैं। फर्जी अभिलेखों के आधार पर नौकरी करने वाले शिक्षकों की सर्वाधिक बर्खास्तगी बीएसए विनोद कुमार मिश्र के समय में हुई। बीएसए ने एक साथ 16 शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त किया था। मौजूद बीएसए डॉ. अरविंद कुमार पाठक भी अब तक सात शिक्षकों को बर्खास्त कर चुके हैं। इनके अलावा बीएसए आनंद पांडेय ने एक व राजकुमार पंडित ने चार फर्जी शिक्षकों को विभाग से बाहर का रास्ता दिखाते हुए केस दर्ज कराया था।
जिनकी शिकायत, उनकी हो रही जांच
बीएसए डॉ. अरविंद कुमार पाठक ने बताया कि जिन शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेख फर्जी होने की शिकायतें मिलती हैं उनकी जांच कराई जाती है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई भी होती है। फिलहाल दो शिक्षकों से जुड़ी शिकायतों के आधार पर उनके शैक्षिक व अन्य अभिलेखों का पुनर्सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन आख्या मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।