बाजार शुकुल (अमेठी)। सहन की जमीन पर बच्चों के खेलने के विवाद में दो दिन पहले हुई मारपीट में घायल महिला ने शुक्रवार की देररात मौत हो गई। महिला की बेटी ने गांव के दो युवकों व दो महिलाओं के खिलाफ केस दर्ज कराया है। शनिवार की शाम गांव में शव पहुंचने के बाद परिजन मुआवजे की मांग पर अड़ गए। पुलिस अधिकारियों ने समझा बुझाकर उन्हें शांत कराया।
बाजार शुकुल थाना क्षेत्र के सत्थिन गांव निवासी शहनाज बानो (50) पत्नी अनवार अहमद के बच्चे बृहस्पतिवार को घर के सामने पड़ी सहन की जमीन पर खेल रहे थे। इसका पड़ोस की ही एक महिला ने विरोध किया और बच्चों को खेलने से मना कर दिया। इसी बात पर दोनों पक्षों में तकरार हो गई। दोनों पक्षाें में गाली गलौज के बाद मारपीट होने लगी।
शहनाज पक्ष का आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडों लेकर घर में घुस कर शहनाज व परिवार में मौजूद अन्य सदस्यों पर हमला कर दिया। हमले में शहनाज गंभीर रूप से जख्मी हो गई। उसे सीएचसी, जिला अस्पताल फिर लखनऊ ले जाया गया।
शुक्रवार की देररात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की खबर सुनकर परिवार में कोहराम बचा हुआ है। मृतका की बड़ी बेटी सायरा, तहसीन, सहरीन की शादी हो गई है। दो बेटियों 15 वर्षीय आफरीन, 10 वर्षीय साइबा, सात वर्षीय सहबान व 18 वर्षीय बेटे अरमान घर पर हैं। थानाध्यक्ष तनुज कुमार पाल ने बताया कि मृतका की बेटी की तहरीर पर रिजवान अहमद, इमरान अहमद, नसीबुल व हसमुल निशा के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
50 लाख मुआवजे की मांग पर अड़े थे परिजन
पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो परिजनों ने कार्रवाई व मुआवजे की मांग को लेकर शव को दफनाने से मना कर दिया। परिजनों की मांग थी, कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो और मृतका के आश्रितों को 50 लाख सरकारी मुआवजा दिया जाए। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार रोक दिया।
खबर पाकर सीओ मुसाफिरखाना अतुल सिंह, कमरौली एसओ अविनेष कुमार, बाजार शुकुल एसओ तनुज कुमार पाल भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। परिजनों ने मांग को लेकर प्रार्थना पत्र दिया। सीओ ने आश्वासन दिया कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उच्चाधिकारियों तक मामला पहुंचाया जाएगा। उन्होंने पीड़ित परिवार के लोगों को अपने कार्यालय आने को कहा है। इसके बाद परिवार के लोग माने और अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए।
गांव में पुलिस तैनात
- गांव में बच्चों के खेलने के विवाद में हुए मारपीट के बाद महिला की मौत हो गई। इस मामले को पुलिस ने गंभीरता से लिया। पीड़ित व आरोपी पक्ष के घर आसपास हैं। जिससे दोनों परिवारों में फिर से कोई विवाद न हो, इसको लेकर पुलिस सतर्क रही। गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। ताकि किसी विवाद की स्थिति से निपटा जा सके। शव के अंतिम संस्कार के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।