अमेठी। जमालपट्टी के डेढ़पसार गांव निवासी लवकुश यादव अब दोहरी मार झेल रहे हैं। पहले घर में लूट से उनका नुकसान हुआ और अब पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाने के कारण नौकरी भी छिन गई। पीड़ित का आरोप है कि कोतवाल की मिलीभगत से कंपनी प्रबंधन ने उन्हें बाहर कर दिया, जिससे परिवार आर्थिक संकट में आ गया है।
लवकुश ने बताया कि घटना के बाद से उन पर बयान बदलने का दबाव बनाया गया। मना करने पर कोतवाल ने कंपनी मालिक को फोन किया और उनकी नौकरी खत्म करा दी। उन्होंने कहा कि अब परिवार गुजर-बसर के संकट से जूझ रहा है। बुधवार को पत्नी का मेडिकल कराने के लिए बुलाया गया था, लेकिन घंटों इंतजार के बावजूद जांच नहीं हुई और उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा।
परिवार का कहना है कि पुलिस जांच के नाम पर लीपापोती कर रही है। न तो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और न ही सामान बरामद हुआ। उल्टे पीड़ित परिवार को बार-बार थाने के चक्कर लगवाए जा रहे हैं। लवकुश ने बताया कि अब उन्हें स्थानीय पुलिस से न्याय की उम्मीद नहीं है और वे पूरे मामले की शिकायत एसपी से करेंगे। सीओ मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। निष्पक्ष जांच की जा रही है। नौकरी से हटाए जाने की बात निराधार है।