अमेठी सिटी। अमेठी के मंगलपुर गांव में पूर्व कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. देवमणि तिवारी के आलोक प्रमोद इंटर कॉलेज में पकड़ी गई नकली कीटनाशक फैक्टरी प्रकरण की जांच ठंडी पड़ गई है। इसका अंदाजा इसी से दिखता है कि तीन सप्ताह बीत जाने के बाद भी जांच के लिए लैब भेजे गए घटिया कीटनाशक की रिपोर्ट तक अभी कृषि विभाग को प्राप्त नहीं हुई है। मामले की जांच से जुड़े पुलिस व कृषि विभाग के जिम्मेदार भी पूरे मामले में चुप्पी साधे हैं।
फैक्टरी संचालन में शामिल आरोपियों के राजनीतिक प्रभाव को देखते हुए ही डीआईओएस स्तर से स्कूल प्रबंधन को इस मामले में पहले ही क्लीनचिट दी जा चुकी है। 30 दिसंबर को जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश कुमार, नायब तहसीलदार अजय सिंह और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने ककवा रोड स्थित प्रमोद आलोक इंटरमीडिएट कॉलेज के नाम दर्ज भूमि पर बने के एक कमरे में छापा मारा था। जांच के दौरान नकली कीटनाशक, कच्चा माल और निर्माण में प्रयोग होने वाले उपकरण बरामद हुए थे। इस मामले में पुलिस आरोपी शिवम तिवारी व राम उजागिर यादव को खोज नहीं कर पाई थी, दोनों आरोपियों ने सीधे न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था।
कृषि विभाग ने मौके से मिले नकली कीटनाशक व उर्वरक के नमूना लेकर जांच के लिए लैब भेजे थे। 22 दिन बीतने के बाद भी अभी तक नमूनों की जांच रिपोर्ट भी नहीं मिली है। वहीं, कॉलेज परिसर में चल रही नकली खाद व कीटनाशक निर्माण के मामले ममें डीआईओएस की ओर से गठित टीम ने जांच के बाद गोलमोल रिपोर्ट गोलमोल देते हुए स्कूल प्रबंधन को क्लीनचिट दे दी।
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. राजेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि जांच में जिस कमरे में नकली उर्वरक का निर्माण हो रहा था, वह स्कूल की मान्यता में लगी भूमि से इतर था। बताया कि संस्था के नाम भूमि दर्ज है, जो प्रबंधक की ओर से बाद में क्रय की गई है। वहीं, जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश कुमार यादव ने बताया कि लिए गए नूमनों की जांच रिपोर्ट नहीं आई है। मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।