अमेठी सिटी। माघ महीने में शुक्रवार को कड़ाके की ठंड के बीच जब स्कूल खुले तो बच्चे ठिठुरते हुए पहुंचे। भोर में न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री पहुंच गया। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण पछुआ और उत्तरी हवाओं से गलन बरकरार है। धूप निकलने के बावजूद लोगों को राहत नहीं मिल पा रही।
शुक्रवार की सुबह धुंध और गलन के साथ दिन की शुरुआत हुई। करीब नौ बजे धूप निकली, मगर ठंडी हवाओं के चलते दिनभर ठिठुरन महसूस हुई। हालांकि कोहरा हल्का रहने से दृश्यता सामान्य रही। वाहनों की रफ्तार धीमी रही, पर आवागमन प्रभावित नहीं हुआ। कामकाज के लिए निकले लोग ठंड से बचाव के उपाय करते दिखे। प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जले। दोपहर में हल्की धूप ने राहत दी मगर सर्द हवाएं चलती रहीं। शाम ढलते ही सर्दी का असर फिर तेज हो गया और लोग जरूरी काम निपटाकर घरों में दुबकने लगे।
शीतकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद स्कूल खुलने से बच्चों की आवाजाही बढ़ी। छात्र-छात्राएं गर्म कपड़ों में स्कूल जाते नजर आए। बाजार, दफ्तर और सार्वजनिक स्थलों पर मौजूदगी सामान्य रही। जिला अस्पताल, बस स्टेशन और रेलवे स्टेशन पर लोग चाय, अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेते दिखे। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्र के अनुसार आगामी 24 घंटे में सुबह हल्का कोहरा छाए रहने की संभावना है। औसत तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है। पश्चिमी दिशा से सामान्य गति की हवा चलने का अनुमान है।
पाले की आशंका, फसलों की हल्की सिंचाई करें
कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक, शीतलहर से गेहूं, सरसों और आलू को लाभ मिल सकता है, लेकिन अत्यधिक ठंड या पाला नुकसान पहुंचा सकता है। किसानों को हल्की सिंचाई और पाले से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
गर्म कपड़े पहनें, पौष्टिक आहार लें
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि ठंड के चलते सर्दी, खांसी, बुखार और सांस संबंधी रोगियों की संख्या बढ़ रही है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनें, ठंडे पानी से बचें और पौष्टिक आहार लें। हृदय व अस्थमा रोगियों को ठंड में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।