अमेठी सिटी। संयुक्त किसान मोर्चा अमेठी के आह्वान पर शुक्रवार को किसानों ने कलेक्ट्रेट परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया।। इस दौरान अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा।
किसानों ने दिए गए मांगपत्र में बीज विधेयक 2025, बिजली बिल, वीबीजी-रामजी, चारों श्रम संहिताओं को वापस लेने की मांग उठाई। किसानों को फसल लागत के डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी, पूर्ण कर्जमाफी, यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता, कालाबाजारी रोकने और नैनो उर्वरक थोपने पर नाराजगी जताई। पीएम फसल बीमा योजना समाप्त कर सार्वजनिक क्षेत्र में फसल व पशुधन बीमा लागू करने पर जोर दिया।
शिक्षा का सार्वभौमिकीकरण, मुफ्त व सर्वसुलभ शिक्षा, रोजगार गारंटी, रिक्त पदों पर भर्ती, निजीकरण रोकने और संविदा कर्मियों के नियमितीकरण किए जाने की बात कही है। वहीं न्यूनतम वेतन 25 हजार रुपये मासिक और न्यूनतम पेंशन 10 हजार रुपये मासिक सुनिश्चित करने और ईपीएफओ पेंशन में महंगाई व आवासीय भत्ता जोड़ने की मांग भी रखी। किसानों ने मुक्त व्यापार समझौतों से दूरी, पीडीएस और एफसीआई संरक्षण, कपास आयात शुल्क समाप्त करने वाली अधिसूचना रद्द करने की बात कही।
आपदाओं को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने, बाढ़ प्रभावित राज्यों को मुआवजा, बंटाईदार किसानों व कृषि मजदूरों को राहत देने का प्रस्ताव रखने की मांग उठाई। इसके अलावा राज्यों की वित्तीय हिस्सेदारी बढ़ाने, जीएसटी अधिनियम संशोधन और मनरेगा को पूर्व स्वरूप में बहाल करने पर बल दिया गया। शहरी रोजगार गारंटी योजना लागू करने की भी मांग रखी। इस दौरान गयाप्रसाद, राकेश कुमार मिश्र, शिव कुमार पांडेय, राम कुमार, सर्यूपाल यादव आदि मौजूद रहे।