अमेठी। सभी स्कूल और कॉलेजों के छात्रों को बायोमेट्रिक अटेंडेंस लगाने के बाद ही छात्रवृत्ति मिल सकेगी। यह आदेश आने के बाद विद्यालय प्रशासन हलकान हो गया है। वहीं विद्यालय जाने वाले पात्र छात्र छात्रवृत्ति में हो रहे फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने की कवायद के इस निर्णय से खुश हैं। शासन की ओर से छात्रवृत्ति में हो रहे फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाए जाने को लेकर दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत छात्र-छात्राओं के बायोमेट्रिक अटेंडेंस की प्रक्रिया लागू की गई है।
जारी आदेश में कहा गया है कि परिचय पत्र में 75 फीसदी या उसके ऊपर उपस्थित रहने वाले छात्र छात्राओं को शैक्षणिक भत्ता एवं शुल्क प्रतिपूर्ति सुविधा से मिल सकेगी। इसके लिए विद्यालय प्रशासन को बच्चों की उपस्थिति के लिए अब बायोमेट्रिक मशीन लगाना अनिवार्य होगा। अगर छात्र बायोमेट्रिक अटेंडेंस में अनुपस्थित रहे तो उनकी छात्रवृत्ति इस साल नहीं आएगी। इसके साथ ही विद्यालयों को इसका रिकॉर्ड समाज कल्याण विभाग में जमा करना होगा।
इसका सत्यापन होने के बाद ही छात्रों को छात्रवृत्ति मिल पाएगी। समाज कल्याण विभाग के प्रधान सहायक गोकुल प्रसाद जायसवाल ने बताया कि आदेश के क्रम में प्रत्येक माह उपस्थिति प्रमाणित करने एवं यथा स्थान छात्रवृत्ति पोर्टल पर अपलोड करने का उत्तरदायित्व संस्था का है। यदि किसी छात्र की उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम होगी तो वह छात्रवृत्ति हेतु पात्र नहीं होंगे। हालांकि शासन की ओर से जारी निर्देश के बाद विद्यालय प्रशासन हलकान हो गए हैं।
लोगों के अनुसार शिक्षा माफिया इस आदेश के बाद काफी परेशान हो उठे हैं। पात्र छात्र शासन के निर्देश पर खुश नजर आ रहे हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी आरके शर्मा ने बताया कि सभी विद्यालयों और कॉलेजों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस के लिए मशीन लगवाने के संबंध में पत्र भेजा गया है।