अमेठी/मुंशीगंज। सीएचसी अमेठी में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत के मामले परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। टीम ने बयान तो ले लिया है, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ रही है। विभाग अधीक्षक व चिकित्सकों को बचाने में जुटा है।
मुंशीगंज के टेरी त्रिलोकपुर गांव निवासी दीपा तिवारी (28) को प्रसव पीड़ा होने पर 27 अक्तूबर को परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमेठी में भर्ती करवाया था। प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी। मृतका के ससुर राजनारायण व अन्य परिजनों ने अधीक्षक, चिकित्सकों पर इलाज आदि में लापरवाही का आरोप लगाया था। शुक्रवार को गठित जांच टीम के एसीएमओ डॉ. राम प्रसाद, डॉ. पीके उपाध्याय व डॉ. रुचिका सेठ ने अधीक्षक संग चिकित्सकों का बयान दर्ज कर लिया था और पीड़ित का बयान नहीं हुआ। कार्रवाई नहीं होते देख मृतका के ससुर राजनारायण ने शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम को शिकायती पत्र देकर स्वास्थ्य विभाग व जांच टीम पर मामले को दबाने का आरोप लगाया था। साथ ही उनका बयान नहीं दर्ज करने की भी बात कही थी।
डीएम के निर्देश पर सोमवार को जांच टीम ने मृतका के ससुर का बयान दर्ज किया। राजनारायण ने बताया कि जांच टीम ने बयान दर्ज कर लिया है, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ रही है। कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और प्रसव के दौरान हुई लापरवाही के लिए जिम्मेदार चिकित्सकों पर कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने मृतका के परिवार को आर्थिक सहायता दिलाए जाने की मांग उठाई। सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि जांच टीम ने पीड़ित परिजनों का भी बयान दर्ज कर लिया है। टीम को जल्द रिपोर्ट तैयार कर देने का निर्देश दिया गया है।