गौरीगंज : माधवपुर में थ्रेसर से गेहूं फसल की मड़ाई करने में जुटे किसान। -संवाद
गौरीगंज (अमेठी)। मौसम का मिजाज देख रविवार को किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गईं। सारा दिन धूप व बादलों की लुकाछिपी में बीत गया। किसान इस दौरान अपनी फसलें सहेजने में जुटे रहे। रब सजीन में किसानों की कड़ी मेहनत से तैयार गेहूं की फसल पर प्राकृतिक नुकसान होने की संभावना बढ़ गई है। मार्च में अतिवृष्टि व ओलावृष्टि के बाद शनिवार को आसमान में बादल छाए रहे। मौसम परिवर्तन नेे किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम परिवर्तन के बाद किसान मजदूर से कटाई के बाद थ्रेसर से मड़ाई करने के बजाए कंबाइन मशीन से फसल काटकर उत्पादन सुरक्षित करने में जुट गए हैं। शनिवार को दिन भर आसमान में बादल छाए रहे। रविवार सुबह बदली थी। हालांकि 10 बजे के बाद धूप निकल आई। बावजूद इसके किसान अपना अन्य कार्य छोड़कर दिन भर फसल सहेजने में जुटे रहे। कृषि विभाग के अनुसार यदि अब बरसात हुई तो किसानों की तैयार गेहूं की फसल के अलावा जायद सीजन की फसल भी प्रभावित होगी। सब्जी उत्पादक किसान तो बर्बाद ही हो जाएंगे।
1.26 लाख हेक्टेयर में बोया गया है गेहूं
जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि जिले में 1,26,892 हेक्टेयर में गेहूं की बोआई हुई है। सात अप्रैल तक महज 38,670 हेक्टेयर भूमि पर बोई गई गेहूं के फसल ही काटी जा सकी है। जिले में इस वर्ष 4,20,868 मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन की संभावना है। गत वर्ष में जिले में 3,89,314 मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन हुआ था।