एसएनसीयू व एमएनसीयू वार्ड 48 लाख से बनकर तैयार
गौरीगंज (अमेठी)। पैदा होने से लेकर 28 दिन तक के बच्चों का इलाज कराने के लिए अब लोगों को भटकना नहीं पड़ेगा। इसके लिए जिला अस्पताल में एसएनसीयू व एमएनसीयू यूनिट बनकर तैयार हो गया। स्वास्थ्य विभाग इसका संचालन कराने की कवायद में जुटा है।जिले की स्वास्थ्य सुविधा में जल्द ही एक और बढ़ोतरी होने जा रही है। शासन के निर्देश पर जिला अस्पताल भवन में सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) व मदर न्यूनेटल केयर यूनिट (एमएनसीयू) बनकर तैयार हो गया है। एनएनसीयू 12 बेड का तो एमएनएनसीयू 14 बेड का है। दोनों यूनिट तैयार होने के बाद विभाग अब इसे संचालित कराने की कवायद में जुटा है। संचालन शुरू होने के बाद नवजात की तबीयत बिगड़ने पर परिजनों को अब उन्हें लेकर दूसरे जिले की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। अब तक ऐसी स्थिति में लोगों को बच्चों को लेकर सुलतानपुर व लखनऊ जाना पड़ता था।
एनएनसीयू वार्ड में सिर्फ 28 दिन तक के बच्चों को रखा जाएगा। 12 बेड वाले इस वार्ड में रेडीएंट वारमर, फोटो थेरेपी मशीन, सभी बेडों तक पाइप लाइन से ऑक्सीजन व पानी आपूर्ति की व्यवस्था है। नवजात की मां को बगल में ही बनाए गए एमएनसीयू वार्ड में रखा जाएगा। नवजात की तबीयत में सुधार होने के बाद उसे एमएनसीयू वार्ड में उसकी मां के पास शिफ्ट कर दिया जाएगा। उनकी स्थिति पूरी तरह से सामान्य होने के बाद ही उन्हें डिस्चार्ज किया जाएगा।
एमएनसीयू वार्ड में बेड, सभी बेड़ों पर पर्दा, ऑक्सीजन आपूर्ति, फोटो थेरेपी, डायनिंग टेबल के साथ ही सभी बेडों पर बेल लगाई गई है। मरीज को कोई दिक्कत होने पर तीमारदार अपने बेड के समीप लगी घंटी बजा सकता है। घंटी बजाते ही स्वास्थ्य कर्मी उसके पास पहुंच जाएगा। पिछले दिनों शासन से एसएनसीयू के लिए करीब 32 लाख तो एमएनसीयू के लिए 16 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे।
इनसेट
अभी तक हुई सिर्फ स्टॉफ नर्स की तैनाती
तीन शिफ्ट में दोनों यूनिट के संचालन के लिए चिकित्सक, स्टॉफ नर्स, डाटाइंट्री ऑपरेटर, कुक, गार्ड व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की तैनाती होनी है। अब तक शासन द्वारा सिर्फ नौ स्टॉफ नर्स की तैनाती की गई है। अस्पताल में तैनात तीन बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. लईक उज जमा, डॉ. राम विलास व डॉ. श्रवण कुमार को संबद्ध कर दिया गया है। इसके अलावा अभी अन्य कर्मियों की तैनाती नहीं की गई है। सीएमएस डॉ. बीपी अग्रवाल द्वारा अन्य यूनिट तैयार होने के बाद उसके संचालन के लिए अन्य स्टॉफ की तैनाती के लिए पत्र भेजा गया है।
वर्जन
जिलावासियों को मिलेगी सुविधा
सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि दोनों युनिट का संचालन होने के बाद पूरे जिले के लोगों का फायदा मिलेगा। कहा कि इसमें जिला अस्पताल के अलावा जिले के अन्य सरकारी व प्राइवेट अस्पताल में पैदा हुए नवजात की तबीयत बिगड़ने पर उनका भी इलाज किया जाएगा। भर्ती करने व इलाज की सभी व्यवस्था निशुल्क होगी। पत्राचार किया गया है, जल्द ही संचालन शुरू कराया जाएगा।