गौरीगंज (अमेठी)। तिलोई की तत्कालीन एसडीएम शिवानी सिंह की मनमानी के किस्से जिले में लोगों की जुबान पर हैं। अधिकारी भी इस प्रकरण में खुलकर बात नहीं करना चाहते। बताते हैं कि राजस्व संहिता की धारा 144 की जिन 43 फाइलों पर मनमाने तरीके से आदेश करने के मामले में शिवानी निलंबित हुई हैं उनमें से 13 प्रकरण एक ही गांव के हैं।
पड़ोसी जनपद सुल्तानपुर की रहने वाली एसडीएम शिवानी सिंह द्वारा तिलोई में तैनाती के दौरान की गई गड़बड़ियों की फेहरिस्त बहुत लंबी है। बताते हैं कि शिवानी ने उद्घोषणा वाद (धारा-144) के जिन 43 मामलों में आदेश पारित कर लोगों को लाभ दिया उनमें इस धारा में उल्लिखित सामान्य दिशा-निर्देशों तक का पालन नहीं किया गया। कई मामलों में नोटिस पीरियड पूरा होने का भी इंतजार नहीं किया गया।
उद्घोषणा वाद की ऐसी पत्रावलियों मेें भी वादी के पक्ष में आदेश पारित कर दिया गया जिसमें सरकारी वकील व लेखपाल तक की रिपोर्ट वादी के पक्ष में नहीं थी। गड़बड़ी का आलम यह रहा कि जिन 43 पत्रावलियों में वादियों को उद्घोषणा वाद का लाभ दिया गया उनमें 13 पत्रावलियां सिर्फ एक गांव महिया सिंदुरिया की रहीं।
जांच के दौरान प्रशासन ने वादों के निस्तारण में शामिल जमीनों और उसकी कीमत का मूल्यांकन किया तो पाया कि दी गई जमीन करीब 12 हेक्टेयर और कीमत पांच करोड़ (भूमि की मालियत के हिसाब से, असल में जमीन की कीमत और ज्यादा) रुपये से अधिक रही। जिन जमीनों पर वाद दायर करने वालों को राजस्व संहिता की धारा 144 का लाभ दिया गया उनमें से कई लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर स्थित हैं। यह जमीनें मालियत से कई गुना अधिक मूल्य पर क्रय-विक्रय की जाती हैं।
21 पन्नों की है जांच रिपोर्ट
डीएम राकेश कुमार मिश्र ने शिवानी की ओर से उद्घोषणा वाद में की गई गड़बड़ी की जांच एडीएम न्यायिक राजकुमार द्विवेदी से कराई। एडीएम ने अपनी जांच 10 दिन में पूरी की। बताते हैं कि एडीएम ने जांच पूरी होने के बाद शिवानी द्वारा की गई गड़बड़ियों की जो रिपोर्ट डीएम को दी वह 21 पन्नों की थी।
धन्नासेठों को दिया गया लाभ
जांच के दौरान पाया गया कि शिवानी ने जिन 43 लोगों को उद्घोषणा वाद का लाभ दिया उनमें से कई आर्थिक रूप से बेहद संपन्न हैं। इन्हें धारा 144 का लाभ दिए जाने के भी लोग अपनी तरह से मायने निकाल रहे हैं।
टूट गया पेशकार
धारा 144 का लाभ देने के मामले में शिवानी की ओर से की गई मनमानी की पुष्टि पत्रावलियों में लगे कागजातों से हुई है। इतना ही नहीं तिलोई एसडीएम रहने के दौरान शिवानी का पेशकार रहा कर्मचारी भी डीएम द्वारा की गई पूछताछ में टूट गया। पेशकार ने डीएम के सामने शिवानी की मनमानी की पूरी पोल पट्टी खोलकर रख दी।
कई और पर भी गिर सकती गाज
शिवानी के लपेटे में आने के बाद कई और अधिकारी कर्मचारी भी जांच की जद में आ सकते हैं। सूत्रों के अनुसार प्रशासन पत्रावलियों पर गलत तरीके से रिपोर्ट लगाने वाले लेखपाल, कानून गो व तहसीलदार पर भी जल्द बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है।
सभी आदेश स्थगित : एसडीएम
तिलोई की मौजूदा एसडीएम फाल्गुनी सिंह ने बताया कि तत्कालीन एसडीएम की ओर से जिन 43 फाइलों पर धारा 144 का लाभ दिया गया है उन सभी आदेशों को स्थगित कर दिया गया है। आदेेश की जद में आने वाली जमीनों के क्रय विक्रय पर भी रोक लगा दी गई है। एसडीएम के इस आदेश से लाभ पाने वालों में खलबली मची है।